लेबनान और इज़राइल के बीच कैदियों की अदला-बदली, अमेरिका की मध्यस्थता से रिहा हुए चार कैदी.

शुक्रवार, 4 सितंबर 2026 को चार लेबनानी कैदियों को इज़राइल से उनके वतन लेबनान वापस भेज दिया गया। यह पूरी प्रक्रिया दो दिनों तक चली जिसमें कुल पाँच लोगों को रिहा किया गया। इस समझौते से परिवारों को बहुत राहत मिली है जो लंबे समय से अपनों का इंतजार कर रहे थे। लेबनान के प्रधानमंत्री नवाफ सलाम ने इस मध्यस्थता के लिए अमेरिका का आभार जताया है।
समझौते की मुख्य बातें और शर्तें
यह रिहाई अमेरिका की मध्यस्थता से हुए एक समझौते के तहत पूरी हुई। इज़राइल ने जाँच के बाद इन नागरिकों को छोड़ा क्योंकि यह साफ हो गया कि इनका किसी भी आतंकवादी संगठन या गतिविधि से कोई संबंध नहीं था। इसके बदले में लेबनान ने 1980 के दशक के गृहयुद्ध के दौरान मारे गए लेबनानी यहूदी नेताओं के अवशेषों का पता लगाने और उन्हें वापस लाने में मदद करने का वादा किया है। इज़राइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के कार्यालय ने इसे लापता समुदाय के नेताओं को खोजने के लिए किए गए व्यापक प्रयासों का परिणाम बताया।
अंतर्राष्ट्रीय रेड क्रॉस समिति की भूमिका
मानवीय आधार पर इस कैदी अदला-बदली को इंटरनेशनल कमेटी ऑफ द रेड क्रॉस यानी ICRC द्वारा पूरा कराया गया। अंतिम चार लोगों को नकौरा सीमा पार के पास ICRC को सौंपा गया और फिर उन्हें लेबनानी सेना के हवाले कर दिया गया। इससे पहले पाँचवें कैदी मलेक गाज़ी को गुरुवार, 3 सितंबर 2026 को रिहा किया गया था। रिहा हुए समूह में लेबनानी नागरिक जैसे हुसैन अय्याश, एक मछुआरे मोहम्मद जुहीर और दो सीरियाई नागरिक शामिल थे। ICRC ने बताया कि अक्टूबर 2023 से उन्हें इज़राइल में बंद कैदियों तक पहुँच नहीं मिली थी और उन्होंने बाकी सभी कैदियों से मिलने की अनुमति देने की माँग की है।