लेबनान में इसराइली हमलों का कहर जारी, दो मार्च से अब तक मरने वालों का आंकड़ा पहुंचा 4,383 पर.

लेबनान में इसराइली हमलों की वजह से हालात बहुत ज्यादा खराब होते जा रहे हैं और आम लोगों की जिंदगी पर इसका बहुत बुरा असर पड़ रहा है। लेबनान के स्वास्थ्य मंत्रालय ने 10 सितंबर 2026 को यह जानकारी दी कि जब से यह मौजूदा सैन्य अभियान 2 मार्च 2026 को शुरू हुआ है, तब से लेकर अब तक इस हमलों में मरने वालों की कुल संख्या बढ़कर 4,383 हो गई है। यह ताजा आंकड़ा मंत्रालय के इमरजेंसी ऑपरेशंस सेंटर द्वारा पहले 7 सितंबर 2026 तक दर्ज किए गए 4,381 मौतों और 12,402 घायलों के आंकड़ों से ज्यादा है। पिछले कुछ दिनों में लगातार बढ़ते हमलों की वजह से कम से कम 28 लोगों की मौत हो चुकी है और 79 लोग घायल हुए हैं। मंत्रालय की रिपोर्ट के मुताबिक सिर्फ 8 सितंबर 2026 को 24 घंटे के भीतर ही 19 लोगों की जान चली गई थी और 24 लोग घायल हो गए थे। इसके अलावा 7 सितंबर 2026 को कफार रुम्मान इलाके में एक हवाई हमला हुआ था जिसमें कम से कम 12 लोगों की जान चली गई थी। मरने वालों में 4 महिलाएं और 2 बच्चे भी शामिल थे। इस हमले के बारे में इसराइली सेना ने कहा था कि यह हिजबुल्लाह के ड्रोन हमलों के जवाब में की गई कार्रवाई थी।
स्वास्थ्य सेवाओं पर हमलों का भारी असर
लेबनान में चल रहे इस संघर्ष की वजह से वहां की स्वास्थ्य सेवाएं बुरी तरह प्रभावित हुई हैं और अस्पतालों को भारी नुकसान उठाना पड़ा है। 2 मार्च 2026 से लेकर अब तक कुल 17 अस्पतालों को इन हमलों में नुकसान पहुंचा है और दक्षिण लेबनान के 3 अस्पताल पूरी तरह से बंद हो चुके हैं और काम करने लायक नहीं बचे हैं। स्वास्थ्य मंत्रालय ने इस बात की पुष्टि की है कि नबातियेह अल-फावका का गंधौर अस्पताल 6 सितंबर 2026 तक इसराइली हवाई हमलों में पूरी तरह तबाह हो चुका था। इसी तारीख के आंकड़ों से यह भी पता चलता है कि इसराइली सेना ने एम्बुलेंस टीमों पर अब तक 179 बार हमले किए हैं। इन लगातार हमलों की वजह से देश के 135 स्वास्थ्यकर्मी अपनी जान गंवा चुके हैं जो राहत और बचाव का काम कर रहे थे। अस्पतालों और एम्बुलेंस पर हमलों की वजह से जरूरतमंद मरीजों और घायलों को समय पर इलाज मिलना बहुत मुश्किल हो गया है।
जून में हुए समझौते के बाद भी तनाव जारी
इसी साल जून के महीने में एक संघर्ष विराम समझौता हुआ था लेकिन उसके बावजूद जमीन पर हालात में कोई खास सुधार नहीं आया है और तनाव लगातार बना हुआ है। इसराइली सेना अभी भी दक्षिण लेबनान के कई इलाकों पर कब्जा जमाए हुए है और मार्च के महीने में घोषित किए गए बफर जोन को बनाए रखा है। इसराइली सेना का कहना है कि वे संघर्ष विराम के नियमों के उल्लंघन का हवाला देते हुए लगातार हिजबुल्लाह को निशाना बना रहे हैं। बढ़ते हालातों को देखते हुए 8 सितंबर 2026 को लेबनान के राष्ट्रपति जोसेफ आउन ने अमेरिका और अंतरराष्ट्रीय समुदाय से अपील की थी कि वे इस मामले में दखल दें और शांति कायम कराने में मदद करें। वहीं दूसरी तरफ संयुक्त राष्ट्र ने 10 सितंबर 2026 को सीरियाई क्षेत्र में इसराइली सैन्य गतिविधियों को लेकर एक गंभीर चेतावनी जारी की है। संयुक्त राष्ट्र का कहना है कि नागरिकों को हिरासत में लेने जैसी कुछ हरकतें युद्ध अपराध की श्रेणी में आ सकती हैं जिससे आने वाले दिनों में क्षेत्रीय तनाव और ज्यादा बढ़ सकता है।