लेबनान में इजरायली हमलों से मचा कोहराम, पिछले तीन सालों में 8,900 से ज्यादा लोगों की हुई मौत.

Sushma Kumari6 September 20263 min read36 viewsWorld
लेबनान में इजरायली हमलों से मचा कोहराम, पिछले तीन सालों में 8,900 से ज्यादा लोगों की हुई मौत.

लेबनान के स्वास्थ्य मंत्रालय ने हाल ही में एक बहुत ही चिंताजनक रिपोर्ट साझा की है, जिसके मुताबिक पिछले तीन सालों में इजरायली सैन्य हमलों की वजह से लेबनान में 8,900 से ज्यादा लोगों की जान चली गई है। इस संघर्ष के दौरान करीब 30,600 लोग घायल भी हुए हैं, जिससे पूरे इलाके में हालात काफी खराब बने हुए हैं। आम नागरिकों के अलावा इस जंग में मेडिकल स्टाफ को भी भारी नुकसान उठाना पड़ा है और कई जगहों पर स्वास्थ्य सेवाओं को निशाना बनाया गया है।

स्वास्थ्य कर्मियों पर लगातार हमले और बढ़ता संकट

लेबनान के स्वास्थ्य अधिकारियों के अनुसार, गत 2 मार्च 2026 के बाद से अब तक कम से कम 179 स्वास्थ्य कर्मियों की मौत हो चुकी है। यह मौतें एम्बुलेंस कर्मियों और मेडिकल साइट्स पर लगातार हो रहे हमलों के कारण हुईं। अंतरराष्ट्रीय संगठनों जैसे एम्नेस्टी इंटरनेशनल ने इस बात पर कड़ी आपत्ति जताई है कि चिकित्सा कर्मियों को निशाना बनाना अंतरराष्ट्रीय मानवीय कानून का साफ उल्लंघन है। संगठनों का कहना है कि एम्बुलेंस के सैन्य इस्तेमाल के जो दावे इजराइल की तरफ से किए जा रहे हैं, उनके पक्ष में कोई पुख्ता दस्तावेज या सबूत सामने नहीं आए हैं।

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हालिया हमलों में कई लोगों की गई जान

बीते 5 सितंबर 2026 को दक्षिण और पूर्वी लेबनान में हुए इजरायली हमलों में एक ही दिन में 9 लोगों की मौत हो गई और 56 लोग घायल हो गए। टायर जिले के रमदियेह इलाके में हुए एक हमले में एक व्यक्ति की जान चली गई और 15 लोग जख्मी हो गए, जिनमें छह पैरामेडिक्स, तीन महिलाएं और दो छोटी बच्चियां भी शामिल थीं। इसके अलावा एक अन्य रात के हमले में चार लोगों की मौत हो गई, जिसमें एक 18 साल की युवती भी शामिल थी और इस घटना में 32 लोग घायल हुए थे। इससे पहले 10 जुलाई 2026 तक के आंकड़ों के मुताबिक, लेबनान के स्वास्थ्य मंत्रालय ने मार्च से शुरू हुई शत्रुता के बीच 4,321 नागरिकों की मौत और 12,207 घायलों का रिकॉर्ड दर्ज किया था।

सीमा पर बढ़ता तनाव और सैन्य गतिविधियां

सैन्य तनाव उस समय और ज्यादा बढ़ गया जब 6 सितंबर 2026 को इजराइल डिफेंस फोर्सेस यानी IDF ने दक्षिण लेबनान में जोरदार हमले किए। यह कार्रवाई तब की गई जब हिजबुल्लाह की तरफ से दो ड्रोन इजरायली सैनिकों पर दागे गए थे जो एक तय 'सिक्योरिटी जोन' में तैनात थे। हालांकि इस घटना में किसी भी इजरायली सैनिक के घायल होने की खबर नहीं आई। इससे ठीक एक दिन पहले इजराइल ने दक्षिण लेबनान की एक रणनीतिक जगह अली अल ताहेर रिज पर अपना ऑपरेशनल कंट्रोल हासिल करने का ऐलान किया था। IDF ने इस ड्रोन हमले को जून के लेबनान ceasefire समझौते का उल्लंघन बताया और अरब सलीम के रहने वाले लोगों को तुरंत इलाका खाली करने की चेतावनी जारी कर दी।

राजनीतिक बयानबाजी और अंतरराष्ट्रीय प्रतिक्रिया

इस पूरे घटनाक्रम के बीच हिजबुल्लाह ने एक आधिकारिक बयान जारी कर इस बढ़ती हिंसा की कड़ी निंदा की है और इजराइल पर लगातार घरों को गिराने और भारी गोलाबारी करने का आरोप लगाया है। हिजबुल्लाह ने अमेरिका पर इजराइल का साथ देने और लेबनान सरकार पर चल रही बातचीत को सही से न संभालने का भी गंभीर आरोप लगाया है। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि इस समय संघर्ष के तेज होने के पीछे इजराइल के आने वाले अक्टूबर महीने के चुनाव और प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू की लिक्विड पार्टी के गिरते हुए पोल आंकड़े भी एक बड़ी वजह हो सकते हैं।

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