इजरायल और अमेरिका के साथ फ्लोरिडा में सैन्य वार्ता करेगा लेबनान का प्रतिनिधिमंडल और दक्षिणी क्षेत्र में युद्ध रोकने की होगी मांग

फ्लोरिडा: लेबनान के राष्ट्रपति जोसेफ औन ने घोषणा की है कि लेबनान का एक सैन्य प्रतिनिधिमंडल मंगलवार, 20 अक्टूबर 2026 को टैम्पा, फ्लोरिडा में इजरायल और अमेरिका के प्रतिनिधियों के साथ एक त्रिपक्षीय बैठक में हिस्सा लेगा। यह बैठक 22 अक्टूबर तक चलेगी और अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) की निगरानी में होगी।
इस मिशन का नेतृत्व पूर्व राजदूत साइमन करम करेंगे। प्रतिनिधिमंडल में अमेरिका में लेबनान की राजदूत नादा हमादेह मुआवाद और ब्रिगेडियर जनरल जॉर्ज रिज़क अल्लाह के नेतृत्व वाली एक सैन्य टीम शामिल है। राष्ट्रपति औन ने बताया कि इस दौरे का मुख्य उद्देश्य दक्षिणी क्षेत्र में इजरायली सैन्य कार्रवाई को तुरंत रोकने के लिए लेबनान की मांगें रखना है।
यह बातचीत पूरी तरह से सैन्य स्तर पर होगी और इसमें कोई राजनीतिक प्रतिनिधि शामिल नहीं होगा। इस सत्र का लक्ष्य जून 2026 में हस्ताक्षरित एक अमेरिकी प्रायोजित ढांचे के समझौते को लागू करना है। इस समझौते के तहत इजरायल को लेबनानी क्षेत्र से धीरे-धीरे पीछे हटना होगा, हिजबुल्लाह का निशस्त्रीकरण करना होगा और लेबनानी सेना को दक्षिणी लेबनान के निर्धारित पायलट जोन में तैनात करना होगा।
राष्ट्रपति औन ने यह भी स्पष्ट किया कि इजरायल ने अभी तक इस समझौते की शर्तों के प्रति अपनी प्रतिबद्धता नहीं जताई है। एक लेबनानी सूत्र के मुताबिक, इजरायल सत्यापन तंत्र में अमेरिका को शामिल करने का विरोध कर रहा है और इसके बजाय लेबनानी सेना के साथ सीधे ऑपरेशन्स रूम बनाने को प्राथमिकता दे रहा है।
तनाव के बीच अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो राजनयिक प्रयासों में सक्रिय हैं। 15 अक्टूबर को राष्ट्रपति औन ने रुबियो से फोन पर बात करते हुए अमेरिका से इजरायल पर दबाव डालने को कहा ताकि दक्षिणी लेबनान के शहरों पर हमले रुकें और किसानों को उनकी जमीन तक पहुंचने दिया जाए। औन ने भरोसा दिलाया कि लेबनानी सुरक्षा बल हथियारों के प्रदर्शन को रोकने और तस्करी के खिलाफ काम कर रहे हैं।
दूसरी ओर, विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने लेबनान के 1955 के इजरायल बहिष्कार कानून पर चिंता जताई है। उन्होंने इसे अव्यावहारिक और शांति के रास्ते में बाधा बताया है। रुबियो ने झड़पों के जोखिम को कम करने के लिए सीधे सैन्य संचार को बढ़ावा देने की बात कही है।
27 अक्टूबर को होने वाले इजरायली चुनावों के कारण इस बैठक के टलने की खबरें आई थीं, लेकिन राष्ट्रपति औन ने पुष्टि की है कि प्रतिनिधिमंडल योजना के अनुसार ही बातचीत के लिए जाएगा। इस दौरान प्रतिनिधिमंडल इजरायल द्वारा हिरासत में लिए गए लेबनानी कैदियों का मुद्दा भी उठाएगा।