इजरायली सैन्य तनाव खत्म करने के लिए 20 अक्टूबर को टाम्पा में सुरक्षा वार्ता में शामिल होगा लेबनान का सैन्य प्रतिनिधिमंडल

Gautam Sahu18 October 20263 min read0 viewsWorld
इजरायली सैन्य तनाव खत्म करने के लिए 20 अक्टूबर को टाम्पा में सुरक्षा वार्ता में शामिल होगा लेबनान का सैन्य प्रतिनिधिमंडल

बेरुत (लेबनान): लेबनान के राष्ट्रपति जोसेफ औन ने शनिवार को घोषणा की है कि इजरायली सैन्य तनाव को तुरंत खत्म करने की मांगों को रखने के लिए लेबनान का एक सैन्य प्रतिनिधिमंडल 20 अक्टूबर को फ्लोरिडा के टाम्पा में अहम सुरक्षा वार्ता में हिस्सा लेगा। यह घोषणा राष्ट्रपति औन और फ्रांस के यूरोप एवं विदेश मंत्री जीन-नोएल बैरोट के नेतृत्व में आए फ्रांसीसी प्रतिनिधिमंडल के बीच हुई उच्च स्तरीय चर्चा के दौरान की गई।

इस बैठक के दौरान राष्ट्रपति औन ने सीमा स्थिरता, अंतरराष्ट्रीय शांति सेना के जनादेश, आंतरिक सुरक्षा और आर्थिक सुधारों जैसी राष्ट्रीय प्राथमिकताओं पर चर्चा की। उन्होंने दक्षिणी सीमा पर इजरायल की मौजूदा कार्रवाइयों की कड़ी निंदा की और चेतावनी दी कि इस तरह की शत्रुता पुराने समझौतों का उल्लंघन है, जिससे राज्य बलों की तैनाती में बाधा आ रही है।

लेबनानी राष्ट्रपति कार्यालय ने एक्स पर एक पोस्ट में बताया कि इजरायल दक्षिणी गांवों और कस्बों पर हमले कर रहा है, बुलडोजर चला रहा है और घरों को नष्ट कर रहा है। इसके साथ ही किसानों को उनकी जमीनों तक पहुंचने से रोका जा रहा है और अमेरिका की मध्यस्थता में हुए ढांचे के समझौते के प्रावधानों का पालन नहीं किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि दक्षिण में तनाव और कब्जे के कारण लेबनानी सेना प्रस्ताव 1701 के तहत अंतरराष्ट्रीय दक्षिणी सीमा पर तैनात नहीं हो पा रही है।

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अंतरराष्ट्रीय शांति सेना के 2027 में वापस जाने की योजना के बीच राष्ट्रपति औन ने अंतरराष्ट्रीय साझेदारों से सुरक्षा शून्य को रोकने की अपील की। उन्होंने कहा कि लेबनान अंतरराष्ट्रीय बलों के जनादेश को बढ़ाने या 2027 तक उनके सुरक्षा कार्यों को जारी रखने की इच्छा रखता है। यदि यह कठिन हो, तो वह किसी ऐसे फॉर्मूले का स्वागत करता है जो दक्षिण में अंतरराष्ट्रीय उपस्थिति सुनिश्चित करे और लेबनानी सेना को कब्जे वाले क्षेत्रों में इजरायली सेना के सीधे संपर्क में रखे।

घरेलू कानून व्यवस्था पर बात करते हुए राष्ट्रपति औन ने देश भर में कानून का शासन लागू करने और अनधिकृत समूहों को निशस्त्र करने की प्रतिबद्धता दोहराई। उन्होंने बताया कि सेना और अन्य सुरक्षा बल राज्य के अधिकार को बढ़ाने, सशस्त्र प्रदर्शनों को रोकने और हथियारों को जब्त करने के सरकारी फैसलों को लागू कर रहे हैं। उल्लंघन करने वालों को न्यायपालिका को सौंपा जा रहा है।

औन ने राज्य बलों को सही ढंग से सुसज्जित करने के लिए तत्काल अंतरराष्ट्रीय समर्थन की मांग की। उन्होंने कहा कि सेना और सुरक्षा बलों को सौंपे गए कार्यों को पूरा करने के लिए उन्हें आवश्यक उपकरणों से लैस करना जरूरी है। उन्होंने सेना और आंतरिक सुरक्षा बलों की सहायता के लिए जल्द ही अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन आयोजित करने की उम्मीद जताई।

राष्ट्रपति औन ने बुनियादी ढांचे और सुरक्षा पहलों के समर्थन के लिए फ्रांसीसी राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रॉन का आभार व्यक्त किया। उन्होंने बेरुत के लिए फ्रांसीसी वाणिज्यिक उड़ानों को फिर से शुरू करने, बेरुत और त्रिपोली बंदरगाहों को 'IMEC इकोनॉमिक कॉरिडोर पोर्ट्स क्लब' में शामिल करने और लेबनानी सेना व आंतरिक सुरक्षा बलों के लिए तीन साल के यूरोपीय मिशन की स्थापना के लिए मैक्रॉन को धन्यवाद दिया।

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