लेबनान के राष्ट्रपति जोसेफ औन ने इजरायल पर जून के समझौते का उल्लंघन करने और सीमा पार हमले करने का आरोप लगाया

बेरुत: लेबनान के राष्ट्रपति जोसेफ औन ने इजरायल पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि उसने 26 जून 2026 को वॉशिंगटन में हुए फ्रेमवर्क समझौते का पालन नहीं किया है। राष्ट्रपति औन ने कहा कि दक्षिण लेबनान में रोजाना हो रहे उल्लंघन लेबनानी सरकार की उन जिम्मेदारियों में बाधा डाल रहे हैं, जो उसने संधि के तहत स्वीकार की थीं।
बेरुत में अरब लीग के महासचिव नबील फहमी के साथ मुलाकात के दौरान राष्ट्रपति औन ने सीमा पार हमलों और सैनिकों के घुसपैठ का मुद्दा उठाया। उन्होंने जोर देकर कहा कि ऐसी कार्रवाइयां लेबनान के लोगों को अपने अधिकारों और जमीन के प्रति और अधिक मजबूत बनाती हैं। राष्ट्रपति ने चेतावनी दी कि इस तरह की शत्रुता बड़े संघर्ष को टालने के लिए किए जा रहे राजनयिक प्रयासों को कमजोर कर रही है।
दूसरी ओर, अरब लीग के महासचिव नबील फहमी ने लेबनान और इजरायल के बीच चल रही बातचीत को अपना पूरा समर्थन दिया है। उन्होंने राजनयिक कोशिशों को बढ़ावा देने के लिए दक्षिण लेबनान का दौरा करने की इच्छा जताई है।
इस विवाद के बीच 20 और 21 अक्टूबर 2026 को फ्लोरिडा के टैम्पा में अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) मुख्यालय में तकनीकी चर्चाएं होनी तय हैं। लेबनानी सैन्य प्रतिनिधिमंडल वहां इजरायली उल्लंघनों की रिपोर्ट औपचारिक रूप से पेश करेगा, जिसमें एक लेबनानी नागरिक की मौत का मामला भी शामिल है।
संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार कार्यालय ने 14 अक्टूबर 2026 को अपनी रिपोर्ट में बताया कि इजरायली हवाई हमले, ड्रोन हमले और गोलाबारी से नागरिक बुनियादी ढांचे को भारी नुकसान पहुंच रहा है। 29 सितंबर 2026 तक देश भर में करीब 3.30 लाख लोग आंतरिक रूप से विस्थापित हो चुके हैं।
लेबनान में संयुक्त राष्ट्र अंतरिम बल (UNIFIL) ने भी हवाई क्षेत्र के बार-बार उल्लंघन और सैन्य गतिविधियों का दस्तावेजीकरण किया है। UNIFIL का वर्तमान जनादेश 2026 के अंत में समाप्त होने वाला है।