लेबनान के राष्ट्रपति ने ग्रीस से लगाई गुहार, इसराइल के साथ समझौते को लागू करने में मदद की मांग.

Nura Basta31 August 20262 min read7 viewsWorld
लेबनान के राष्ट्रपति ने ग्रीस से लगाई गुहार, इसराइल के साथ समझौते को लागू करने में मदद की मांग.

लेबनान के राष्ट्रपति Joseph Aoun ने सोमवार, 31 अगस्त 2026 को एथेंस में ग्रीस के राष्ट्रपति Konstantinos Tassoulas से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने अमेरिका की मध्यस्थता से इसराइल के साथ हुए फ्रेमवर्क समझौते को सख्ती से लागू करने के लिए ग्रीस से औपचारिक रूप से सहायता मांगी है। यह अपील ऐसे समय में सामने आई है जब ग्रीस और इसराइल के बीच लगभग 3.5 अरब से 3.6 अरब अमेरिकी डॉलर के बड़े रक्षा सौदे की घोषणा की गई है, जिसे Achilles Shield नाम दिया गया है। यह इसराइल के इतिहास का सबसे बड़ा रक्षा निर्यात सौदा माना जा रहा है, जिसके तहत ग्रीस को एडवांस्ड इस्राइली एयर डिफेंस सिस्टम जैसे David's Sling, SPYDER और Barak MX की आपूर्ति की जाएगी।

समझौते को बिना किसी भेदभाव के लागू करने पर जोर

राष्ट्रपति Joseph Aoun ने इस बात पर जोर दिया कि पिछले 26 जून 2026 को साइन किया गया अमेरिकी मध्यस्थता वाला फ्रेमवर्क समझौता दोनों पक्षों द्वारा बिना किसी भेदभाव के पूरी तरह लागू होना चाहिए। उन्होंने कहा कि लेबनान की आम जनता लगातार चल रहे संघर्ष से पूरी तरह थक चुकी है। उन्होंने जानकारी दी कि बीते मार्च महीने से इस्राइली सैन्य अभियानों की वजह से लेबनान में 4,300 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है, 12,000 से अधिक लोग घायल हुए हैं, और देश के 60 से 70 गांव पूरी तरह तबाह हो चुके हैं। उनका यह भी कहना था कि लेबनान की स्थिरता पूरे क्षेत्र के साथ-साथ यूरोप के लिए भी बहुत जरूरी है।

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समझौते की शर्तें और क्षेत्रीय प्रतिक्रियाएं

जून महीने में तय किए गए इस फ्रेमवर्क के तहत हिजबुल्लाह का हथियार डालना, दक्षिणी लेबनान से इस्राइली सेना का चरणबद्ध तरीके से पीछे हटना और लेबनानी सेना का 'पायलट जोन' में तैनात होना अनिवार्य किया गया है। इसके अलावा, समझौते में संयुक्त राष्ट्र अमेरिका, इसराइल और लेबनान को मिलाकर एक त्रिपक्षीय सैन्य समन्वय समूह बनाने की बात कही गई है, जो सभी नियमों और शर्तों का पालन सुनिश्चित करेगा। हालांकि हिजबुल्लाह ने सार्वजनिक रूप से इन शर्तों को मानने से इनकार कर दिया है और इस्राइल की सेना के बिना शर्त पीछे हटने की मांग रखी है, वहीं इस्राइल लगातार यह जिद कर रहा है कि हिजबुल्लाह के लड़ाके सीमावर्ती क्षेत्र को पूरी तरह खाली कर दें।

ग्रीस और इस्राइल का रुख

दूसरी ओर, ग्रीस के प्रधानमंत्री Kyriakos Mitsotakis ने लेबनान की संप्रभुता और स्वतंत्रता के प्रति अपना पूरा समर्थन जताया है। उन्होंने लेबनानी सेना को और अधिक सैन्य सहायता देने का वादा किया है ताकि वह देश के दक्षिणी हिस्से पर अपना पूरा नियंत्रण स्थापित कर सके। वहीं, इस्राइल के रक्षा मंत्री Israel Katz ने इस रक्षा सौदे की पुष्टि करते हुए कहा कि इसराइल और ग्रीस के रणनीतिक हित और क्षेत्रीय सुरक्षा से जुड़ी चुनौतियां एक जैसी हैं, जो दोनों देशों को आपस में जोड़ती हैं।

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