Lebanon: लेबनान के राष्ट्रपति ने इजरायली हमलों को बताया अन्यायपूर्ण अपराध, तुरंत दखल देने की लगाई गुहार.

लेबनान के राष्ट्रपति Joseph Aoun ने 7 September 2026 को हाल ही में हुए इजरायली सैन्य हमलों की कड़ी निंदा की है। उन्होंने इन हमलों को सीधे तौर पर अन्यायपूर्ण अपराध और खतरनाक तनाव करार दिया है। राष्ट्रपति ने साफ कहा कि इस तरह की कार्रवाइयों से क्षेत्रीय शांति और तनाव को कम करने के सभी प्रयास कमजोर हो रहे हैं। साथ ही, जून महीने में तय किए गए फ्रेमवर्क समझौते को भी बड़ा खतरा पैदा हो गया है। सरकार ने अमेरिका और अंतरराष्ट्रीय समुदाय से अपील की है कि वे तुरंत बीच में आएं और इजरायल के इन उल्लंघनों को रोककर जवाबदेही तय करें। उनका यह भी आरोप है कि इजरायल जानबूझकर लेबनान की सरकारी संस्थाओं को कमजोर और बर्बाद करने की कोशिश कर रहा है।
संयुक्त राष्ट्र शांति सेना और अंतरराष्ट्रीय सहयोग
लेबनान सरकार के लिए UNIFIL यानी संयुक्त राष्ट्र अंतरिम बल की सुरक्षा और समर्थन सबसे बड़ा प्राथमिकता वाला काम बना हुआ है। इसके लिए लेबनान सरकार फ्रांस के राष्ट्रपति Emmanuel Macron के साथ लगातार बातचीत कर रही है ताकि इस शांति सेना के कार्यकाल को आगे बढ़ाया जा सके। राष्ट्रपति Aoun ने यह भी बताया कि अगर किसी वजह से UNIFIL को पीछे हटना पड़ा, तो वे फ्रांस और इटली की संयुक्त पहल पर एक यूरोपीय सुरक्षा बल को तैनात करने के लिए तैयार हैं। दूसरी ओर, संसद के स्पीकर Nabih Berri ने दक्षिणी लेबनान के हालात को खून से सना हुआ बैलेट बॉक्स बताया है। प्रधानमंत्री Nawaf Salam ने भी इन हमलों की खुलकर निंदा की है और देश की संप्रभुता पर हो रहे हमलों के खिलाफ आवाज उठाई है।
स्वास्थ्य मंत्रालय के आंकड़े और मानवीय संकट
लेबनान के स्वास्थ्य मंत्रालय से मिली जानकारी के अनुसार, मार्च महीने की शुरुआत में भड़की इस भारी हिंसा के बाद से हालात बहुत ज्यादा खराब हो चुके हैं। इस पूरे संघर्ष में अब तक 4,350 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है और 12,300 से अधिक लोग बुरी तरह घायल हुए हैं। इस दर्दनाक आंकड़े में 2 March के बाद से जान गंवाने वाले 135 स्वास्थ्यकर्मी और एम्बुलेंस टीमों पर हुए 179 हमले भी शामिल हैं। हाल ही में 6 और 7 September के बीच हुए हमलों में Kfar Rumman गांव को निशाना बनाया गया, जहां दो बच्चों और दो मेडिक्स सहित कम से कम 11 लोगों की जान चली गई। इसके अलावा रविवार को Nabatieh इलाके में एक बंद पड़े अस्पताल और वित्त मंत्रालय की इमारत को भी पूरी तरह तबाह कर दिया गया, जिसमें 7 और लोगों की मौत हो गई। इजरायली सेना ने Deir Zahrani और Arab Salim के इलाकों को खाली करने का फरमान भी जारी कर दिया है, जिससे आम लोगों में अफरातफरी का माहौल है।
इजरायली पक्ष और कूटनीतिक गतिरोध
दूसरी तरफ इजरायली सेना का कहना है कि उनकी ये सैन्य कार्रवाईयां Hezbollah के खतरों को पूरी तरह खत्म करने के लिए बेहद जरूरी हैं। उनका दावा है कि इन इलाकों में ड्रोन हमले किए जा रहे हैं और रिहायशी बस्तियों के बीच आतंकी बुनियादी ढांचे और कमांड सेंटर बनाए गए हैं। इजरायल लेबनान के अंदर करीब 10 किलोमीटर गहरे सुरक्षा जोन पर अपना कब्जा बनाए हुए है और Ali al-Taher रिज पर भी नियंत्रण का दावा कर रहा है। इसके साथ ही, इजरायल ने संघर्ष विराम पर अपनी सहमति जताई है लेकिन आरोप लगाया है कि Hezbollah लगातार इसका उल्लंघन कर रहा है। अमेरिका के समर्थन से बने जून के समझौते के तहत इजरायल को जिन इलाकों से पीछे हटना था, उसने वहां से हटने से मना कर दिया है, जिसकी वजह से कूटनीतिक बातचीत फिलहाल पूरी तरह रुकी हुई है।