लेबनान में भारतीय दूतावास ने आयोजित की 'विकसित भारत रन', खेल और कूटनीति से मजबूत हुए रिश्ते

लेबनान की राजधानी بيروت (Beirut) में भारतीय दूतावास की तरफ से हाल ही में एक खास खेल कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में लेबनान की युवा और खेल मंत्री डॉ. नोरा बायरकदारियन और सांसद अदीब अब्देल मसीह ने खास तौर पर शिरकत की। यह आयोजन भारत सरकार के 'सेवा पखवाड़ा' अभियान के तहत किया गया था, जो 17 सितंबर से 2 अक्टूबर तक मनाया जाता है। इस रन का मुख्य उद्देश्य भारत की बढ़ती ताकत और संस्कृति को विदेशों में रह रहे भारतीयों के बीच और अधिक पहचान दिलाना था।
भारतीय प्रवासियों ने लिया बढ़-चढ़कर हिस्सा
इस खास मौके पर भारतीय दूतावास ने एक 800 मीटर लंबी दौड़ प्रतियोगिता का आयोजन किया। इस दौड़ में लेबनान में रहने वाले भारतीय समुदाय के 200 से अधिक लोगों ने बहुत उत्साह के साथ भाग लिया। इस तरह के आयोजनों से विदेशों में रह रहे भारतीयों को अपनी मिट्टी से जुड़े रहने का एक बेहतरीन मौका मिलता है। इसके अलावा, भारतीय मिशन ने लेबनान के खेल मंत्रालय के साथ मिलकर लेबनान वीक ऑफ स्पोर्ट्स के तहत एक टेबल टेनिस टूर्नामेंट और कई अन्य एथलेटिक्स प्रतियोगिताओं में भी हिस्सा लिया।
भारत सरकार की ओर से उपहार
खेल आयोजनों के अलावा भारत और लेबनान के बीच कूटनीतिक रिश्तों को मजबूत करने के लिए कई अन्य कदम भी उठाए गए। लेबनान में भारत के राजदूत नूर रहमान शेख ने जेजीन नगरपालिका के मेयर डेविड हेलो को भारत में बने पांच मोटरसाइकिलें भेंट कीं। यह उपहार भारत सरकार की क्विक इंपैक्ट प्रोजेक्ट्स (QIP) पहल के तहत दिया गया है। इसका मुख्य उद्देश्य स्थानीय समुदायों की मदद करना और वहां की नगर पालिका सेवाओं को बेहतर बनाना है। राजदूत ने यह भी कहा कि भारत लेबनान के साथ अपनी साझेदारी को मजबूत करने और लोगों के विकास के लिए हमेशा काम करता रहेगा।
आईटीईसी दिवस का आयोजन
इस हफ्ते की शुरुआत में भारतीय मिशन ने ITEC Day 2026 का भी भव्य आयोजन किया। इस कार्यक्रम में भारत और लेबनान के बीच पुरानी दोस्ती और तकनीकी सहयोग पर चर्चा की गई। इस कार्यक्रम में लेबनान के उद्योग मंत्री जोसेफ अल खौरी मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। इसके अलावा सिविल सर्विस बोर्ड की अध्यक्ष निसरीन मच्मौची, एमओएफए में आर्थिक मामलों के निदेशक मंडल की प्रमुख राजदूत राना मोकद्दम और कई अन्य वरिष्ठ अधिकारी तथा आईटीईसी के पुराने छात्र भी इस कार्यक्रम का हिस्सा बने। इन सभी कार्यक्रमों से साफ पता चलता है कि भारत और लेबनान के संबंध खेल, संस्कृति और तकनीकी सहयोग के जरिए लगातार मजबूत हो रहे हैं।