लिबरमैन ने बेंजामिन नेतन्याहू और अरब पार्टियों के साथ गठबंधन बनाने से साफ इनकार किया

इजरायल के नेता अविगडोर लिबरमैन ने स्पष्ट किया है कि वे बेंजामिन नेतन्याहू या अरब पार्टियों के साथ सरकार नहीं बनाएंगे।

Gautam Sahu29 October 20262 min read0 viewsWorld
लिबरमैन ने बेंजामिन नेतन्याहू और अरब पार्टियों के साथ गठबंधन बनाने से साफ इनकार किया

यरूशलेम (इजरायल): इजरायल बेतनु के नेता अविगडोर लिबरमैन ने स्पष्ट कर दिया है कि वे प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू या जॉइंट लिस्ट के अहमद तिबी के साथ किसी भी गठबंधन का हिस्सा नहीं बनेंगे। उन्होंने पार्टी कार्यकर्ताओं को सूचित किया है कि चुनाव से पहले जो बातें कही गई थीं, वे चुनाव के बाद और भी ज्यादा सच साबित हुई हैं।

टाइम्स ऑफ इजरायल के मुताबिक, लिबरमैन ने प्रधानमंत्री के निकनेम का इस्तेमाल करते हुए कहा कि वे बिबी या तिबी के साथ नहीं बैठेंगे। उन्होंने कहा कि वर्तमान में बहुत सारे घटनाक्रम और घटनाएं हो रही हैं, इसलिए वे स्थिति स्पष्ट होने का इंतजार करेंगे और उसके बाद आगे के कदमों पर विचार करेंगे।

लिबरमैन ने हमेशा यह स्टैंड लिया है कि वे नेतन्याहू के नेतृत्व वाली सरकार में शामिल नहीं होंगे और न ही ऐसी सरकार का समर्थन करेंगे जो अरब राजनीतिक गुटों पर निर्भर हो। चुनाव से पहले उन्होंने यह भी कहा था कि नेतन्याहू इजरायल की सुरक्षा के लिए खतरनाक हैं और उनके खिलाफ वोट देना एक मजबूत इजरायल के पक्ष में वोट देना है।

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दूसरी तरफ, बेंजामिन नेतन्याहू ने अपने विरोधियों को एक वामपंथी गुट बताया है। उन्होंने दावा किया कि विपक्षी दल केवल उन्हें सत्ता से बाहर रखने के लिए एक साथ आ सकते हैं और सरकार बनाने के लिए अरब पार्टियों के समर्थन पर निर्भर रहेंगे, जिसे मतदाता पसंद नहीं करेंगे।

नेतन्याहू ने एक संदेश में कहा कि इजरायल के दुश्मन उन्हें हराना चाहते हैं ताकि आइजनकोट, लिबरमैन, यायर गोलन और अरब पार्टियों की एक खतरनाक वामपंथी सरकार बन सके। उन्होंने लोगों से केवल लिकुड पार्टी को वोट देने की अपील की थी।

यह पूरा राजनीतिक घटनाक्रम ऐसे समय में सामने आया है जब शिन बेट (इजरायल सुरक्षा एजेंसी) हालिया नेसेट चुनावों में विदेशी हस्तक्षेप के आरोपों की जांच कर रही है। इजरायल चुनाव समिति ने इन आरोपों की जांच के आदेश दिए हैं, जिससे यरूशलेम में राजनीतिक माहौल गरमा गया है।

प्रधानमंत्री नेतन्याहू ने इस जांच के फैसले को एक भूकंप की तरह बताया है। उन्होंने आरोप लगाया कि विदेशी संस्थाओं ने अरब पार्टियों के पक्ष में मतदाताओं को रिश्वत देकर चुनाव चुराया है। उन्होंने इसे लोकतंत्र पर हमला और इजरायल के इस्लामीकरण की कोशिश करार देते हुए कहा कि किसी भी जायोनी पार्टी को अरब पार्टियों के साथ सहयोग नहीं करना चाहिए।

इजरायली केंद्रीय चुनाव समिति के अध्यक्ष जस्टिस नोम सोल्बर्ग ने शिन बेट प्रमुख डेविड ज़िनी से मंगलवार के चुनाव में विदेशी हस्तक्षेप के आरोपों की जांच करने को कहा है। फिलहाल शिन बेट चुनावों में कतरी प्रभाव के आरोपों की जांच कर रही है। लिबरमैन ने भी इन आरोपों पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए तेजी से जांच की मांग की है।

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