सऊदी अरब पर हूथी हमलों की लीबिया ने की कड़ी निंदा, जताई एकजुटता

मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव के बीच लीबिया ने सऊदी अरब के प्रति अपना अटूट समर्थन जताया है। लीबिया की राष्ट्रीय एकता सरकार ने विदेश मंत्रालय के माध्यम से एक आधिकारिक बयान जारी कर सऊदी अरब के भीतर विभिन्न सुविधाओं को निशाना बनाने वाले हूथी हमलों की कड़े शब्दों में निंदा की है। लीबिया ने स्पष्ट किया है कि वह इस संकट की घड़ी में सऊदी अरब के साथ खड़ा है और अपनी सीमाओं, नागरिकों तथा राष्ट्रीय संसाधनों की सुरक्षा के लिए सऊदी अधिकारियों द्वारा उठाए गए सभी कदमों का समर्थन करता है।
लीबियाई मंत्रालय ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से भी अपील की है कि वह वैश्विक शांति और सुरक्षा बनाए रखने की अपनी जिम्मेदारी निभाए। बयान में जोर दिया गया है कि सभी पक्षों को अंतरराष्ट्रीय कानूनों और संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के प्रस्तावों का पालन करना चाहिए ताकि हिंसा को और बढ़ने से रोका जा सके।
सऊदी अरब में तबाही और उड़ानों पर असर
यह कूटनीतिक प्रतिक्रिया अक्टूबर 2026 में हुई हिंसक घटनाओं के बाद आई है। 8 अक्टूबर को हूथी विद्रोहियों ने रियाद के किंग खालिद इंटरनेशनल एयरपोर्ट को निशाना बनाया, जिसमें सऊदी एयरलाइंस का एक एयरबस A320 विमान पूरी तरह नष्ट हो गया। इससे पहले 7 अक्टूबर को रियाद और आभा के हवाई अड्डों पर हुए हमलों में तीन लोगों की जान गई और 36 अन्य घायल हो गए।
हमलों का सिलसिला यहीं नहीं रुका; 8 अक्टूबर को इंटरसेप्ट की गई मिसाइलों का मलबा रियाद के एक मेडिकल कॉम्प्लेक्स और एक किंडरगार्टन पर गिरा, जिससे वहां भारी नुकसान हुआ। हूथी मिलिशिया ने अंतरराष्ट्रीय एयरलाइंस को सऊदी हवाई क्षेत्र में परिचालन बंद करने की चेतावनी दी है, जिसके चलते Lufthansa और Air India जैसी बड़ी कंपनियों ने रियाद के लिए अपनी उड़ानें निलंबित कर दी हैं। स्थिति इतनी गंभीर थी कि 8 अक्टूबर दोपहर 3 बजे तक रियाद एयरपोर्ट से खुलने वाली लगभग आधी उड़ानें रद्द कर दी गईं।
बता दें कि हमलों की यह लहर 5 अक्टूबर से शुरू हुई थी, जिसमें रियाद और खुराइस स्थित सऊदी अरामको सुविधाओं, राबिघ रिफाइनरी और कई सैन्य व नागरिक ठिकानों को निशाना बनाया गया था।