होर्मुज जलडमरूमध्य में LNG जहाज पर हमला, 6 भारतीयों समेत सभी क्रू सुरक्षित
कतर के एलएनजी जहाज अल मयदा पर प्रोजेक्टाइल से हमला हुआ। 6 भारतीयों समेत सभी 25 क्रू सदस्य सुरक्षित हैं।

होर्मुज जलडमरूमध्य: कतर के झंडे वाले लिक्विफाइड नेचुरल गैस (LNG) कैरियर 'अल मयदा' पर शुक्रवार शाम, 30 अक्टूबर 2026 को एक अज्ञात प्रोजेक्टाइल से हमला हुआ। यह जहाज उस समय निशाने पर आया जब वह होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजर रहा था।
यूनाइटेड किंगडम मैरीटाइम ट्रेड ऑपरेशंस (UKMTO) एजेंसी ने इस घटना की पुष्टि की है। एजेंसी ने क्षेत्र में मौजूद सभी जहाजों को अत्यधिक सावधानी बरतने और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना देने की सलाह दी है।
जहाज का संचालन करने वाली कंपनी नकिलात (Nakilat) ने बताया कि हमले के बावजूद जहाज सुरक्षित और चालू स्थिति में है। जहाज पर सवार सभी 25 क्रू सदस्य सुरक्षित हैं, जिनमें 6 भारतीय नागरिक भी शामिल हैं। कंपनी के मुताबिक पर्यावरण को कोई नुकसान नहीं पहुंचा है।
ईरानी अधिकारियों ने अल मयदा के रास्ते को 'अनधिकृत' बताया है। उन्होंने इस घटना को अन्य टैंकरों द्वारा समुद्री सुरंगों (naval mines) का सामना करने वाली रिपोर्टों से जोड़ा है।
फरवरी में संघर्ष शुरू होने के बाद से ईरानी इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने इस जलमार्ग पर कड़ा नियंत्रण कर रखा है। IRGC ने अंतरराष्ट्रीय जहाजों को चेतावनी दी है कि वे पारगमन अनुमति लें, अन्यथा उन्हें विनाश का सामना करना पड़ सकता है।
अमेरिका और ईरान के बीच जारी गतिरोध के कारण इस क्षेत्र में शिपिंग बुरी तरह प्रभावित है। अमेरिका ने ईरानी बंदरगाहों की नाकाबंदी की है, जिसके जवाब में ईरानी बलों द्वारा जहाजों को निशाना बनाया जा रहा है।
ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने संकेत दिया है कि यदि कुछ शर्तें पूरी होती हैं, तो जलडमरूमध्य को 48 घंटों के भीतर फिर से खोला जा सकता है। उन्होंने अमेरिकी नाकाबंदी हटाने और ईरान की जमी हुई संपत्ति को मुक्त करने की मांग की है। हालांकि, अराघची ने स्पष्ट किया कि वर्तमान में अमेरिकी अधिकारियों के साथ किसी सीधी बातचीत का कोई कार्यक्रम नहीं है।