RAF Fairford हमले की साजिश: लंदन में 22 साल का युवक गिरफ्तार

ब्रिटेन की सुरक्षा एजेंसियों ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए लंदन के वेस्टमिंस्टर इलाके से एक 22 वर्षीय युवक को गिरफ्तार किया है। इस शख्स पर आतंकी गतिविधियों की तैयारी करने का संदेह है। यह गिरफ्तारी आतंकवाद अधिनियम 2006 की धारा 5 के तहत की गई है। पुलिस ने आरोपी के ठिकाने पर छापेमारी भी की है ताकि इस साजिश से जुड़े सबूत जुटाए जा सकें।
हैरानी की बात यह है कि RAF Fairford एयरबेस को निशाना बनाने की कथित साजिश में यह सातवां व्यक्ति है जिसे हिरासत में लिया गया है। इससे पहले 27 सितंबर और 1 अक्टूबर को छह अन्य पुरुषों को गिरफ्तार किया गया था, जो फिलहाल पुलिस बेल पर हैं। काउंटर टेररिज्म पुलिसिंग की सीनियर नेशनल कोऑर्डिनेटर विकी इवांस ने इस मामले को एक 'लाइव इन्वेस्टिगेशन' बताया है और कहा कि विशेषज्ञ टीमें अभी भी इस खतरे के पीछे की असली वजहों और मकसद का पता लगा रही हैं।
ड्रोन हमले का डर और अमेरिकी बॉम्बर्स की वापसी
इस पूरी सुरक्षा हलचल के पीछे एक गंभीर खुफिया चेतावनी है। दरअसल, RAF Fairford एयरबेस का इस्तेमाल अक्सर अमेरिका द्वारा ईरान के खिलाफ ऑपरेशनों के लिए किया जाता है। हाल ही में इस बेस से अमेरिका के 12 B-1 बॉम्बर्स को अचानक हटा लिया गया था। रिपोर्टों के मुताबिक, वॉशिंगटन को डर था कि ईरान की तरफ से शॉर्ट-रेंज वेपनाइज्ड ड्रोन के जरिए बेस पर हमला किया जा सकता है, जिससे वहां मौजूद विमानों और कर्मियों को भारी नुकसान हो सकता था।
इस संवेदनशील स्थिति पर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने स्पष्ट किया कि पेंटागन द्वारा बॉम्बर्स को ब्रिटेन के इस बेस से हटाने का फैसला एयरबेस के खिलाफ मिली "कुछ धमकियों" के जवाब में लिया गया था। फिलहाल ब्रिटिश पुलिस इस बात की गहराई से जांच कर रही है कि गिरफ्तार किए गए लोग किस नेटवर्क से जुड़े थे और उनका मकसद क्या था।