London Heathrow Airport: लंदन हीथ्रो एयरपोर्ट पर घास में लगी भयंकर आग, कई उड़ानें डायवर्ट और भारी देरी.

लंदन के व्यस्त London Heathrow Airport पर उस समय अफरातफरी मच गई जब एयरपोर्ट के दक्षिणी रनवे के पास अचानक भीषण घास में आग लग गई। इस घटना के बाद एयरपोर्ट प्रशासन को सुरक्षा कारणों से तुरंत एक रनवे को बंद करना पड़ा। आग बुझाने के लिए दमकल विभाग की कई गाड़ियों को तुरंत मौके पर भेजा गया और स्थिति पर काबू पाने के लिए युद्ध स्तर पर काम शुरू किया गया।
रनवे बंद होने से उड़ानों पर असर
यह घटना 6 अगस्त 2026 की है जब हीथ्रो एयरपोर्ट के Southern Runway (27L) के पास घास में अचानक आग भड़क उठी। आग इतनी तेजी से फैली कि उसने लगभग एक हेक्टेयर घास के मैदान को पूरी तरह से जलाकर खाक कर दिया। आग की वजह से उठने वाले घने धुएं और सुरक्षा जोखिम को देखते हुए एयरपोर्ट अथॉरिटी ने तुरंत कदम उठाया और दक्षिणी रनवे को अस्थायी तौर पर बंद कर दिया। इस दौरान एयरपोर्ट केवल एक ही रनवे यानी 27R के सहारे अपनी उड़ानों का संचालन करने के लिए मजबूर हो गया।
रनवे बंद होने की वजह से हवाई यातायात पूरी तरह से चरमरा गया और आने-जाने वाली उड़ानों में भारी देरी दर्ज की गई। स्थिति इतनी गंभीर हो गई कि अधिकारियों को कम से कम 16 से 18 आने वाली उड़ानों को दूसरे यानी वैकल्पिक एयरपोर्ट्स पर डायवर्ट करना पड़ा। जिन विमानों का मार्ग बदला गया, उन्हें Stansted, Gatwick, Manchester, Birmingham, Luton और पेरिस के Charles de Gaulle एयरपोर्ट पर सुरक्षित उतारा गया।
दमकल विभाग की कड़ी मेहनत और बहाली
आग पर काबू पाने के लिए London Fire Brigade के साथ-साथ हीथ्रो, हेयस और फेल्थम स्टेशनों की दमकल टीमों ने मिलकर काम किया। सभी कर्मचारियों की कड़ी मेहनत के बाद आखिरकार शाम को 18:07 बजे स्थानीय समय पर आग पर पूरी तरह से काबू पा लिया गया। आग बुझने के बाद एयरपोर्ट के इंजीनियरों और सुरक्षा टीमों ने रनवे की बारीकी से जांच की और पूरी तरह सुरक्षित पाए जाने के बाद दोनों रनवे को फिर से चालू कर दिया गया।
एयरपोर्ट के अधिकारियों ने इस पूरी घटना के बाद स्थिति सामान्य होने की आधिकारिक पुष्टि की और उड़ान सेवाओं को दोबारा सुचारू रूप से शुरू कर दिया गया। हीथ्रो एयरपोर्ट प्रबंधन ने इस अचानक हुई दुर्घटना की वजह से यात्रियों को हुई भारी असुविधा और परेशानी के लिए माफी भी मांगी है। इस घटना से उन यात्रियों को भी काफी दिक्कत हुई जो खाड़ी देशों या अन्य अंतरराष्ट्रीय उड़ानों के जरिए लंदन आते-जाते हैं।