हुथी मिसाइल हमले का खौफ: लुफ्थांसा ने रियाद की सभी उड़ानें रोकीं

मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव और सुरक्षा जोखिमों के बीच एक बड़ा फैसला लेते हुए लुफ्थांसा ग्रुप ने सऊदी अरब की राजधानी रियाद के लिए अपनी सभी उड़ानें निलंबित कर दी हैं। यह फैसला 16 अक्टूबर 2026 तक प्रभावी रहेगा। कंपनी के प्रवक्ता ने पुष्टि की है कि क्षेत्र में हालिया सुरक्षा स्थितियों को देखते हुए यात्रियों और चालक दल की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए यह कदम उठाया गया है।
दरअसल, यह फैसला किंग खालिद इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर हुए एक भयानक बैलिस्टिक मिसाइल हमले के बाद आया है। इस हमले की जिम्मेदारी ईरान समर्थित हुथी विद्रोहियों ने ली है। हालांकि सऊदी अधिकारियों का दावा है कि उन्होंने आने वाली मिसाइलों को हवा में ही रोक दिया था, लेकिन इंटरसेप्ट की गई मिसाइल का मलबा एक किंडरगार्टन और एक मेडिकल कॉम्प्लेक्स पर गिरा, जिससे वहां भारी तबाही हुई है।
हमले में जान-माल का भारी नुकसान और उड़ानों पर असर
सऊदी जनरल अथॉरिटी ऑफ सिविल एविएशन के मुताबिक, दो क्षेत्रीय हवाई अड्डों पर हुए इन हमलों में अब तक 3 नागरिकों की मौत हो चुकी है और 36 लोग घायल हुए हैं। अकेले रियाद के किंग खालिद इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर एक व्यक्ति की जान गई और आठ अन्य लोग घायल हुए। चश्मदीदों ने बताया कि हमले के बाद एक खड़े विमान से धुआं निकलता देखा गया, जिससे वहां अफरा-तफरी मच गई।
इस हमले ने पूरे क्षेत्र की हवाई सेवाओं को बुरी तरह प्रभावित किया है। डेटा के अनुसार, गुरुवार दोपहर तक किंग खालिद इंटरनेशनल एयरपोर्ट से निर्धारित 378 उड़ानों में से 169 को रद्द कर दिया गया। लुफ्थांसा के अलावा अन्य अंतरराष्ट्रीय एयरलाइंस ने भी अपने शेड्यूल में बदलाव किए हैं:
- एयर इंडिया और एयर इंडिया एक्सप्रेस: इन दोनों ने 10 अक्टूबर 2026 तक अपनी रियाद सेवाओं को निलंबित कर दिया है। दिल्ली से रियाद जा रही एयर इंडिया की उड़ान AI2243 को सुरक्षा कारणों से बीच रास्ते से ही वापस दिल्ली लौटना पड़ा।
- इंडिगो: इस एयरलाइन ने भी कई उड़ानें रद्द की हैं और हैदराबाद से रियाद जाने वाली एक फ्लाइट को डम्माम की ओर मोड़ दिया है।
फिलहाल रियाद और आसपास के इलाकों में सुरक्षा अलर्ट जारी है और अंतरराष्ट्रीय विमानन कंपनियां स्थिति पर कड़ी नजर रख रही हैं।