फ्रांस और कनाडा के बीच हुई अहम बैठक, मैक्रों और कार्नी ने ऊर्जा और रक्षा सहयोग पर की चर्चा

फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने रविवार को उत्तरी अटलांटिक स्थित फ्रांसीसी क्षेत्र सेंट पियरे और मिकेलॉन में कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी का गर्मजोशी से स्वागत किया। कनाडा के तट से करीब 25 किलोमीटर दूर स्थित इस छोटे से द्वीपसमूह पर दोनों शीर्ष नेताओं के बीच एक महत्वपूर्ण बैठक हुई, जिसका मुख्य उद्देश्य दोनों देशों के बीच आर्थिक और सुरक्षा संबंधों को और अधिक मजबूत करना था। यह उच्च स्तरीय मुलाकात ऐसे समय में हुई है जब कनाडा और यूरोपीय देशों के अमेरिका के साथ संबंधों में कुछ तनाव चल रहा है, जिसके चलते इस कूटनीतिक मुलाकात को काफी अहम माना जा रहा है।
किन अहम मुद्दों पर हुई चर्चा
इस बैठक के दौरान दोनों देशों के नेताओं ने ऊर्जा, खनिज, एयरोस्पेस और उन्नत प्रौद्योगिकी जैसे रणनीतिक क्षेत्रों में आपसी सहयोग को बढ़ाने पर विस्तार से बातचीत की। कनाडाई प्रधानमंत्री कार्यालय की तरफ से दी गई जानकारी के अनुसार, फ्रांस और कनाडा अब क्वांटम तकनीक, उपग्रह और सुपरकंप्यूटिंग जैसे आधुनिक क्षेत्रों में भी अपनी साझेदारी को नई ऊंचाइयों पर ले जाना चाहते हैं। वैश्विक स्तर पर चल रहे विभिन्न संकटों के बीच दोनों देशों की यह नजदीकियां आपसी रिश्तों को एक नई मजबूती देने का काम कर रही हैं।
सोशल मीडिया पर साझा की भावनाएं
बैठक के बाद फ्रांसीसी राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने सोशल मीडिया के माध्यम से अपनी बात रखते हुए इस मुलाकात को दोनों देशों की गहरी दोस्ती और साझा हितों का एक बड़ा प्रतीक बताया। उन्होंने स्पष्ट किया कि मौजूदा वैश्विक चुनौतियों और संकटों के दौर में फ्रांस और कनाडा की यह मित्रता दोनों देशों के लिए एक बड़ी ताकत साबित हो रही है।
ऐतिहासिक महत्व रखती है यह यात्रा
आपको बता दें कि सेंट पियरे और मिकेलॉन करीब 6,000 लोगों की आबादी वाला तीन छोटे द्वीपों का एक समूह है, जो उत्तरी अमेरिका महाद्वीप में फ्रांस का एकमात्र बचा हुआ क्षेत्र है। राष्ट्रपति मैक्रों की इस क्षेत्र की यह यात्रा ऐतिहासिक है क्योंकि इससे पहले साल 2014 में तत्कालीन राष्ट्रपति फ्रांस्वा ओलांद ने यहां का दौरा किया था और उसके बाद किसी फ्रांसीसी राष्ट्रपति का यह पहला दौरा है।