ऊर्जा सुरक्षा के लिए राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रोन ने खाड़ी देशों का दौरा पूरा किया और डीजल आयात के लिए किए अहम समझौते

दोहा: फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रोन ने 19 से 21 अक्टूबर 2026 तक अपने खाड़ी दौरे को पूरा कर लिया है। इस दौरे का मुख्य उद्देश्य रणनीतिक और आर्थिक साझेदारी को मजबूत करना और फ्रांस की ऊर्जा जरूरतों को पूरा करना था। मैक्रोन ने इस यात्रा के दौरान कुवैत, संयुक्त अरब अमीरात (यूएई), बहरीन और कतर का दौरा किया।
ऊर्जा सुरक्षा के मोर्चे पर फ्रांस को बड़ी सफलता मिली है। यूएई और बहरीन के साथ हुए समझौतों के तहत फ्रांस अब हर महीने अतिरिक्त 2 लाख टन डीजल आयात करेगा, जिसमें दोनों देशों से 1-1 लाख टन डीजल आएगा। सऊदी अरब द्वारा अक्टूबर और नवंबर के लिए तय किए गए 95 हजार टन मासिक डीजल को मिलाकर अब फ्रांस को हर महीने कुल 2.95 लाख टन डीजल मिलेगा। यह मात्रा फ्रांस की कुल खपत के 10 प्रतिशत से अधिक है।
20 अक्टूबर को राष्ट्रपति मैक्रोन दोहा पहुंचे, जहां उनका स्वागत पूरी राजकीय सम्मान के साथ किया गया। इस मौके पर तोपों की सलामी और घुड़सवार सेना का जुलूस निकाला गया। उसी शाम लुसैल पैलेस में उन्होंने अमीर शेख तमीम बिन हमद अल थानी के साथ आधिकारिक बातचीत की।
अमीर शेख तमीम ने इस यात्रा को कतर में किसी फ्रांसीसी राष्ट्रपति की पहली ऐतिहासिक राजकीय यात्रा बताया। उन्होंने दोनों देशों के बीच गहरे संबंधों का जिक्र करते हुए राजनीति, रक्षा, सुरक्षा, ऊर्जा और निवेश के क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने की इच्छा जताई। राष्ट्रपति मैक्रोन ने इस गर्मजोशी भरे स्वागत के लिए आभार जताया और सहयोग के दायरे को बढ़ाने की प्रतिबद्धता दोहराई।
मैक्रोन के साथ उनके प्रतिनिधिमंडल में सशस्त्र बलों की मंत्री कैथरीन वॉट्रिन और यूरोप एवं विदेश मंत्री जीन-नोएल बैरोट भी शामिल थे। इस दौरे के दौरान क्षेत्रीय स्थिरता और होर्मुज जलडमरूमध्य में नौवहन की स्वतंत्रता पर चर्चा हुई। फरवरी 2026 में अमेरिका, इजरायल और ईरान के बीच शुरू हुए संघर्ष के बाद इस क्षेत्र में तनाव बना हुआ है।
कतर में हुई बातचीत के दौरान ऊर्जा के अलावा तकनीक, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, सेमीकंडक्टर, स्वास्थ्य सेवा और हॉस्पिटैलिटी जैसे क्षेत्रों में विस्तार पर भी चर्चा हुई। फ्रांस में कतर के राजदूत शेख अली बिन जसीम अल थानी ने कहा कि यह दौरा रणनीतिक संबंधों में एक मील का पत्थर है। इस यात्रा में टोटलएनर्जीज के सीईओ पैट्रिक पौयान जैसे उद्योग जगत के दिग्गजों की मौजूदगी ने ऊर्जा और नवाचार पर फ्रांस के फोकस को स्पष्ट किया।