फ्रांसीसी राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने कुवैत से तीन दिवसीय खाड़ी दौरे की शुरुआत की और ऊर्जा सुरक्षा पर चर्चा की

कुवैत: फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों सोमवार, 19 अक्टूबर 2026 को कुवैत पहुंचे। यहां से उन्होंने खाड़ी क्षेत्र के अपने तीन दिवसीय राजनयिक दौरे की शुरुआत की है। इस दौरे के तहत वह संयुक्त अरब अमीरात, बहरीन और कतर की भी यात्रा करेंगे।
कुवैत अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर पहुंचने पर अमीर शेख मिशाल अल-अहमद अल-जाबर अल-सबाह ने राष्ट्रपति मैक्रों का औपचारिक स्वागत किया। कुवैत समाचार एजेंसी (KUNA) के मुताबिक यह यात्रा फ्रांस और कुवैत के बीच द्विपक्षीय संबंधों के 65 साल पूरे होने का एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर है।
इस मौके पर अमीर ने मैक्रों को 'ऑर्डर ऑफ मुबारक द ग्रेट' से सम्मानित किया, जबकि फ्रांसीसी राष्ट्रपति ने अमीर को 'ग्रैंड क्रॉस ऑफ द लीजन ऑफ ऑनर' भेंट किया। कुवैत में हुई बातचीत के दौरान रक्षा, बुनियादी ढांचे, स्वास्थ्य और आर्थिक संबंधों को मजबूत करने के साथ-साथ व्यापार और निवेश पर जोर दिया गया।
मैक्रों ने रविवार को एक टेलीविजन संबोधन में स्पष्ट किया कि इस दौरे का मुख्य उद्देश्य ऊर्जा सुरक्षा सुनिश्चित करना है। उनके साथ फ्रांस की ऊर्जा कंपनियों टोटलएनर्जीज और एंजी के वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद हैं। राष्ट्रपति का लक्ष्य फ्रांस के लिए ईंधन और गैस की अतिरिक्त आपूर्ति सुरक्षित करना है ताकि आपूर्ति स्थिर रहे और उपभोक्ता कीमतों पर असर पड़े।
दौरे के दौरान क्षेत्रीय स्थिरता एक बड़ा मुद्दा है। विशेष रूप से 28 फरवरी से जारी अमेरिका और ईरान के बीच टकराव के कारण होरमुज जलडमरूमध्य में शिपिंग में आ रही बाधाओं पर चर्चा होगी। इस संघर्ष के दौरान दौरे में शामिल चारों देशों के ऊर्जा बुनियादी ढांचे पर हमले हुए हैं।
यह विदेश यात्रा ऐसे समय में हो रही है जब फ्रांस में घरेलू स्तर पर उथल-पुथल मची है। वहां जीवन यापन की लागत और शिक्षा प्रणाली को लेकर देशव्यापी अशांति है। दंगों और लूटपाट के बाद बदलाव की मांग उठ रही है, लेकिन मैक्रों ने हाल ही में आंतरिक मंत्री लॉरेंट नुनेज का इस्तीफा स्वीकार करने से इनकार कर दिया है।
कुवैत के बाद राष्ट्रपति मैक्रों संयुक्त अरब अमीरात जाएंगे, जहां उनकी मुलाकात राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाह्यान से होगी।