फ्रांस के राष्ट्रपति मैक्रोन ने कहा, ऊर्जा संकट दूर करने के लिए हॉर्मूज जलडमरूमध्य को खोलना जरूरी

फ्रांस के राष्ट्रपति Emmanuel Macron ने न्यूयॉर्क में संयुक्त राष्ट्र महासभा यानी UNGA के दौरान अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump के साथ हुई बैठक के मुख्य उद्देश्य के बारे में बड़ी बात कही है। उन्होंने अमेरिकी समाचार नेटवर्क ABC News को दिए इंटरव्यू में बताया कि इस बैठक का मुख्य मकसद हॉर्मूज जलडमरूमध्य को खोलने के लिए सही समझौता करना था ताकि दुनिया भर में बढ़ते ऊर्जा संकट से निपटा जा सके। उन्होंने साफ तौर पर कहा कि जहाजों का इस रास्ते से आना-जाना सभी के हित में है और अंतरराष्ट्रीय कानून का पालन करना भी उतना ही जरूरी है।
युद्ध और बमबारी पर फ्रांस का कड़ा रुख
फ्रांस के राष्ट्रपति ने किसी भी देश पर बमबारी करके वहां की सत्ता बदलने के फैसले की कड़ी आलोचना की। उन्होंने कहा कि किसी देश पर बमबारी करके शासन बदलना व्यावहारिक नहीं है और यह कोई अच्छा विकल्प भी नहीं है क्योंकि इससे समस्या हल नहीं होती। पिछले कुछ दशकों में कई बार इस तरह की गलतियां की जा चुकी हैं जिनका बुरा असर पूरी दुनिया पर पड़ा है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट के जरिए भी अपनी बात रखी और कहा कि दुनिया के संकट हमारी सीमाओं पर नहीं रुकते हैं बल्कि वे हमारे नागरिकों, हमारी सुरक्षा और हमारी क्रय शक्ति को प्रभावित करते हैं।
गाजा के हालात पर चिंता और अंतरराष्ट्रीय समुदाय की भूमिका
संयुक्त राष्ट्र महासभा के 81वें सत्र को संबोधित करते हुए फ्रांसीसी राष्ट्रपति ने पश्चिम एशिया के संघर्ष का जिक्र किया और जोर देकर कहा कि हॉर्मूज जलडमरूमध्य का इस्तेमाल किसी भी तरह के ब्लैकमेल के लिए नहीं किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि इस जलमार्ग को दोबारा खोलना इस समय की सबसे बड़ी प्राथमिकता है। इसके अलावा उन्होंने गाजा के मौजूदा हालात को बेहद शर्मनाक बताया और अंतरराष्ट्रीय समुदाय के रवये पर गंभीर सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा कि अगर हम गाजा के मामले में चुपचाप बैठे रहे और कोई कार्रवाई नहीं की तो हमारी विश्वसनीयता पर सवाल उठेंगे। कुछ लोग शांति स्थापित होने का दावा जरूर करते हैं लेकिन इससे जमीन पर मानवीय सहायता की डिलीवरी शुरू नहीं हो पाई है और यह स्थिति बेहद शर्मनाक है।