हूती हमलों के बीच फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने रियाद का अचानक दौरा किया और क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान से मुलाकात की

रियाद: फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने बुधवार 21 अक्टूबर 2026 को रियाद का औचक दौरा किया। उन्होंने इस यात्रा के दौरान सऊदी क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान से मुलाकात की। यह दौरा राष्ट्रपति मैक्रों के खाड़ी देशों के राजनयिक दौरे का हिस्सा था।
यमन के हूती विद्रोहियों द्वारा किए गए बढ़ते हमलों के बीच यह दौरा सऊदी अरब के प्रति फ्रांस की एकजुटता दिखाने के लिए किया गया। हाल के दिनों में हिंसा काफी बढ़ गई है। सऊदी नेतृत्व वाले गठबंधन के मुताबिक, रियाद के अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर हुए एक हमले में कम से कम 12 लोगों की मौत हुई और 300 से अधिक लोग घायल हुए। इसके अलावा हूती ड्रोन ने मदीना और पूर्वी प्रांत को भी निशाना बनाया है।
एलीसी पैलेस ने पुष्टि की कि इस यात्रा का मकसद द्विपक्षीय समर्थन को मजबूत करना था। साथ ही फ्रांस अपनी घरेलू ऊर्जा जरूरतों और ईंधन की बढ़ती कीमतों के मुद्दे पर भी चर्चा करना चाहता था। अल-यमामा पैलेस में हुई करीब तीन घंटे की इस बैठक में दोनों नेताओं ने रणनीतिक संबंधों की समीक्षा की और सुरक्षा व बुनियादी ढांचे में सहयोग बढ़ाने पर बात की।
ऊर्जा आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए सऊदी अरब फ्रांस को जरूरत के अनुसार कई महीनों तक अतिरिक्त डीजल देने पर सहमत हो गया है। दोनों नेताओं ने क्षेत्रीय सुरक्षा पर भी विचार-विमर्श किया। इसमें अवरुद्ध होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) के विकल्प के रूप में बुनियादी ढांचा परियोजनाओं की योजना बनाना शामिल है।
फ्रांस ने यनबू के पास स्थित सुविधाओं की सुरक्षा और उनके पुनर्निर्माण में मदद की पेशकश की है। इसके लिए फ्रांस वहां अपने कर्मियों और रक्षा क्षमताओं को तैनात कर सकता है। राष्ट्रपति मैक्रों के साथ उनके प्रतिनिधिमंडल में यूरोपीय और विदेश मंत्री जीन-नोएल बैरोट और सशस्त्र बल एवं दिग्गजों की मंत्री कैथरीन वॉट्रिन शामिल थीं। सऊदी की ओर से ऊर्जा मंत्री प्रिंस अब्दुलअजीज बिन सलमान और विदेश मंत्री प्रिंस फैसल बिन फरहान ने उनका स्वागत किया।