मदीना बिजली केंद्र पर ड्रोन हमला, ताइज़ में भीषण झड़प

मध्य पूर्व में तनाव एक बार फिर से गहराता नजर आ रहा है। यमन में सक्रिय हूथी विद्रोहियों के खिलाफ अभियान चला रहे सऊदी अरब के नेतृत्व वाले गठबंधन ने मदीना स्थित एक बिजली वितरण केंद्र पर हुए ड्रोन हमले के लिए सीधे तौर पर हूथियों को जिम्मेदार ठहराया है। इस घटना के बाद से क्षेत्रीय सुरक्षा को लेकर चिंताएं काफी बढ़ गई हैं।
गठबंधन के अनुसार, इस हमले में बिजली स्टेशन का एक ट्रांसफॉर्मर क्षतिग्रस्त हुआ है, हालांकि गनीमत यह रही कि बिजली की मुख्य आपूर्ति बाधित नहीं हुई। मदीना का यह बिजली केंद्र बेहद संवेदनशील माना जाता है क्योंकि यह ऐतिहासिक मस्जिद-ए-नबवी को बिजली की आपूर्ति से जुड़ा हुआ है। दूसरी ओर, हूथी विद्रोहियों ने इन सभी आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए इसे पूरी तरह से झूठ करार दिया है और गठबंधन पर अपनी विफलताओं को छिपाने का आरोप लगाया है।
ताइज़ में भीषण संघर्ष और विस्थापितों का संकट
मदीना की घटना के अलावा यमन के ताइज़ प्रांत में भी हालात काफी तनावपूर्ण बने हुए हैं। यहाँ सऊदी समर्थित सरकारी बलों और हूथी लड़ाकों के बीच भयंकर झड़प की खबरें सामने आई हैं। सरकारी बलों का दावा है कि उन्होंने हूथियों के कई बड़े हमलों को सफलतापूर्वक नाकाम कर दिया है। इस संघर्ष के बीच आम नागरिकों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है, और आंतरिक रूप से विस्थापित होने वाले परिवारों की संख्या में लगातार इजाफा हो रहा है।
आर्थिक मदद और सामरिक महत्व
बिगड़ते हालातों के बीच सऊदी अरब ने यमन की अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त सरकार को आर्थिक सहयोग प्रदान करने का निर्णय लिया है। सरकार के राजकोषीय प्रवाह को सुधारने के लिए बड़े बजट फंड को मंजूरी दी गई है। इसके साथ ही, लाल सागर और रणनीतिक रूप से बेहद अहम माने जाने वाले बाब अल-मंदेब जलडमरूमध्य के इलाकों में भी सुरक्षा को लेकर सतर्कता बढ़ा दी गई है ताकि समुद्री व्यापार पर कोई प्रतिकूल प्रभाव न पड़े।