मदीना में पैगंबर मस्जिद को बिजली देने वाले पावर स्टेशन पर ड्रोन हमला

सऊदी अरब के मदीना शहर में स्थित एक अहम बिजली घर को निशाना बनाकर किए गए एक बड़े हमले से इलाके में सनसनी फैल गई है। यह हमला ताइबा पावर डिस्ट्रीब्यूशन स्टेशन पर हुआ, जो सीधे तौर पर पवित्र पैगंबर की मस्जिद (Prophet’s Mosque) को बिजली आपूर्ति करने वाले नेटवर्क का हिस्सा है। इस दुस्साहसिक घटना के बाद से सुरक्षा एजेंसियों और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर गहरी चिंता जताई जा रही है।
गठबंधन सेना ने की हमले की पुष्टि
यमन में शांति और स्थिरता बहाल करने के लिए काम कर रहे अरब गठबंधन (Coalition to Restore Legitimacy in Yemen) के प्रवक्ता मेजर जनरल तुर्की अल-मलिकी ने इस घटना की आधिकारिक जानकारी दी है। उनके अनुसार, यह हमला सुबह के वक्त हुआ। घटनास्थल से मिले मलबे और शुरुआती तकनीकी जांच के आधार पर यह स्पष्ट किया गया है कि इस सुनियोजित हमले के पीछे हूथी विद्रोहियों का हाथ था।
गठबंधन ने इस कार्रवाई को एक 'कायरतापूर्ण आतंकवादी कृत्य' करार दिया है। अधिकारियों का कहना है कि यह हमला सीधे तौर पर एक नागरिक बुनियादी ढांचे को नुकसान पहुंचाने और इस्लाम के सबसे पवित्र स्थलों में से एक की सुरक्षा को खतरे में डालने का एक जानबूझकर किया गया प्रयास था। गनीमत यह रही कि हमले की वजह से केवल एक ट्रांसफार्मर अस्थायी रूप से बंद हुआ, जबकि मुख्य बिजली नेटवर्क सुचारू रूप से काम करता रहा, जिससे किसी बड़े संकट टल गया।
हूथी गुट का खंडन और क्षेत्रीय तनाव
दूसरी ओर, हूथी सैन्य सूत्रों ने इन सभी आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है। उनका दावा है कि गठबंधन के ये दावे पूरी तरह निराधार हैं और इनका मकसद केवल ध्यान भटकाना है। हालांकि, इस घटना के बाद लाल सागर के तट पर पहले से ही सुलग रहे क्षेत्रीय तनाव के और अधिक बढ़ने की आशंका जताई जा रही है। संयुक्त राष्ट्र के दूत इस क्षेत्र में राजनीतिक समाधान खोजने के लिए लगातार कूटनीतिक प्रयास कर रहे हैं।
अंतरराष्ट्रीय समुदाय की कड़ी निंदा
इस कायराना हरकत के खिलाफ पूरी दुनिया एकजुट होकर सामने आई है। खाड़ी सहयोग परिषद (GCC) के महासचिव जासेम अल बुडाइवी, अरब लीग, इस्लामिक सहयोग संगठन (OIC) समेत कई देशों ने इस हमले की तीव्र भर्त्सना की है। अंतरराष्ट्रीय मंचों पर इसे सऊदी अरब की संप्रभुता का खुला उल्लंघन और धार्मिक भावनाओं पर गंभीर आघात बताया गया है। गठबंधन ने यह भी साफ कर दिया है कि पवित्र स्थलों और नागरिकों की रक्षा के लिए सभी आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।