मदीना पावर स्टेशन पर ड्रोन हमला, सऊदी गठबंधन ने हुती पर लगाया आरोप

सऊदी अरब की पवित्र भूमि को निशाना बनाने की एक कायराना कोशिश हाल ही में सामने आई है। यमन में वैध सरकार की बहाली के लिए काम कर रहे सऊदी नीत गठबंधन ने घोषणा की है कि हुती मिलिशिया ने मदीना में स्थित तैबा पावर डिस्ट्रीब्यूशन स्टेशन को एक ड्रोन हमले का निशाना बनाया। यह घटना एक सुबह तड़के हुई, जिससे वहां हड़कंप मच गया।
नागरिक बुनियादी ढांचे पर हमला
गठबंधन के आधिकारिक प्रवक्ता मेजर जनरल तुर्की अल-मलिकी ने जानकारी दी कि ड्रोन के मलबे की जांच-परख से यह साबित हो गया है कि इस हमले के पीछे हुती मिलिशिया का ही हाथ था। इस हमले की वजह से बिजली का एक ट्रांसफार्मर सेवा से बाहर हो गया, हालांकि गनीमत यह रही कि व्यापक बिजली ग्रिड पूरी तरह से चालू हालत में बना रहा और कोई बड़ा व्यवधान नहीं आया।
अधिकारियों ने इस घटना को एक कायराना आतंकवादी कृत्य करार दिया है। उनका कहना है कि यह हमला सीधे तौर पर एक नागरिक सुविधा को प्रभावित करने के लिए किया गया था, जो प्रतिष्ठित मस्जिद-ए-नबवी को बिजली की आपूर्ति करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। दुनिया भर के मुसलमानों की भावनाओं को ठेस पहुंचाने के उद्देश्य से किए गए इस कृत्य की चौतरफा निंदा की जा रही है।
धार्मिक स्थलों की सुरक्षा और कड़ी कार्रवाई
सऊदी नेतृत्व ने स्पष्ट किया है कि देश की पवित्रता और सुरक्षा को खतरे में डालने वाले किसी भी प्रयास का कड़ाई से जवाब दिया जाएगा। राजा सलमान और क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान पहले ही देश की सुरक्षा के प्रति अपनी दृढ़ प्रतिबद्धता जता चुके हैं। गठबंधन ने यह भी दोहराया है कि वे पवित्र स्थलों और तीर्थयात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए हरसंभव निवारक उपाय करने से पीछे नहीं हटेंगे।