मलेशिया बनेगा भारत का आसियान गेटवे, आर्थिक रिश्तों को नई ऊंचाई देने की तैयारी

Gautam Sahu9 October 20262 min read0 viewsIndia
मलेशिया बनेगा भारत का आसियान गेटवे, आर्थिक रिश्तों को नई ऊंचाई देने की तैयारी

भारत और मलेशिया के बीच व्यापारिक संबंध अब एक नए मोड़ पर पहुंचने वाले हैं। मलेशिया के प्लांटेशन और कमोडिटीज मंत्री नोराइनी अहमद ने एक अहम बयान में कहा है कि मलेशिया उन भारतीय कंपनियों के लिए एक रणनीतिक प्रवेश द्वार (गेटवे) बन सकता है, जो आसियान (ASEAN) के व्यापक बाजार में अपनी पैठ बनाना चाहती हैं। यह पहल न केवल दोनों देशों के बीच व्यापार को बढ़ावा देगी, बल्कि क्षेत्रीय आर्थिक सहयोग को भी नई मजबूती प्रदान करेगी।

मंत्री नोराइनी अहमद ने ANI के साथ एक साक्षात्कार में बताया कि आसियान-भारत फ्रेमवर्क के तहत व्यापार, उद्योग सहयोग और बिजनेस लिंक्स को मजबूत करने के बेहतरीन मौके मौजूद हैं। उन्होंने विशेष रूप से टिकाऊ उत्पादन, रिसर्च, टेक्नोलॉजी और डाउनस्ट्रीम मैन्युफैक्चरिंग जैसे क्षेत्रों में आपसी सहयोग की संभावनाओं पर जोर दिया। उनका मानना है कि जहां मलेशिया भारतीय कंपनियों को आसियान मार्केट तक पहुंचने में मदद कर सकता है, वहीं भारत मलेशियाई व्यवसायों के लिए एक बेहद महत्वपूर्ण बाजार और पार्टनर बना हुआ है।

पाम ऑयल से आगे बढ़कर रबर और टिम्बर पर फोकस

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मलेशिया अब भारत के साथ अपने व्यापारिक दायरे को केवल पाम ऑयल तक सीमित नहीं रखना चाहता। मंत्री ने स्पष्ट किया कि मलेशिया रबर और टिम्बर (लकड़ी) जैसे अन्य कृषि उत्पादों में भी साझेदारी बढ़ाना चाहता है। रबर सेक्टर में मलेशिया की मेडिकल ग्लव्स और इंडस्ट्रियल रबर प्रोडक्ट्स में मजबूत पकड़ है, जिसका लाभ भारत के बढ़ते हेल्थकेयर और ऑटोमोटिव सेक्टर को मिल सकता है। साथ ही, फर्नीचर और कंस्ट्रक्शन के लिए इंजीनियर वुड जैसे उच्च मूल्य वाले उत्पादों के जरिए मलेशियाई सप्लायर्स भारतीय बाजार की बदलती जरूरतों को पूरा करने के इच्छुक हैं।

मंत्री अहमद ने इस बात पर भी जोर दिया कि दोनों देशों को कच्चे माल के व्यापार से आगे बढ़कर प्रोसेसिंग, इनोवेशन और टेक्नोलॉजी के जरिए वैल्यू एडिशन पर ध्यान देना चाहिए। उन्होंने कहा कि ऐसी व्यावसायिक निवेश योजनाओं का स्वागत है जो दोनों पक्षों के लिए फायदेमंद हों। सरकार की भूमिका अब बिजनेस कनेक्शन बनाने और मार्केट एक्सेस के लिए संवाद को आसान बनाने की होगी।

गौरतलब है कि यह बयान मंत्री नोराइनी अहमद की हालिया भारत यात्रा के बाद आया है। इससे पहले मलेशियाई प्रधानमंत्री अनवर इब्राहिम ने भी भारत का दौरा किया था, जहां प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ उनकी द्विपक्षीय बैठक में दोनों देशों के बीच बढ़ते निवेश और मजबूत होते रिश्तों की सराहना की गई थी।

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