Saudi Arabia: सऊदी विदेश मंत्री ने मनल बिन्त हसन रादवान को बनाया विशेष envoy और सलाहकार, शांति प्रयासों की जिम्मेदारी संभालेंगी।

Nura Basta1 September 20262 min read34 viewsSaudi
Saudi Arabia: सऊदी विदेश मंत्री ने मनल बिन्त हसन रादवान को बनाया विशेष envoy और सलाहकार, शांति प्रयासों की जिम्मेदारी संभालेंगी।

सऊदी अरब की सरकार ने विदेश नीति और कूटनीति के क्षेत्र में एक बड़ा कदम उठाया है। 1 सितंबर 2026 को सऊदी अरब के विदेश मंत्रालय की तरफ से यह आधिकारिक ऐलान किया गया कि Manal bint Hassan Radwan को विदेश मंत्री का सलाहकार और विशेष दूत नियुक्त किया गया है। उन्हें यह नई जिम्मेदारी शांति प्रयासों और कूटनीतिक वार्ताओं को आगे बढ़ाने के लिए दी गई है। इस नियुक्ति के बाद देश की विदेश नीति के ढांचे में उनके काम का दायरा काफी बढ़ गया है और उन्हें एक अहम कूटनीतिक भूमिका सौंपी गई है।

अनुभवी राजनियक और कूटनीतिक सफर

डॉ. मनल रादवान एक बेहद अनुभवी करियर डिप्लोमैट रही हैं। इस नई जिम्मेदारी से पहले उन्होंने विदेश मंत्री के मंत्रिमंडल में मिनिस्टर प्लेनिपोटेंशियरी और सीनियर एडवाइज़र के रूप में अपनी सेवाएं दी थीं। इसके अलावा, वह देश की मुख्य बातचीत टीम यानी नेगोशिएशन टीम की प्रमुख भी रह चुकी हैं। अपने लंबे और शानदार करियर के दौरान उन्होंने दुनिया के कई अहम देशों में काम किया है। उन्होंने वाशिंगटन डीसी, काहिरा और न्यूयॉर्क जैसे बड़े शहरों में सऊदी अरब के लिए महत्वपूर्ण कूटनीतिक पदों पर कार्य किया है। उनके काम का मुख्य फोकस हमेशा से क्षेत्रीय सुरक्षा, परमाणु कूटनीति और मध्य पूर्व में शांति स्थापित करने वाले अभियानों पर रहा है।

अंतरराष्ट्रीय मंचों पर सक्रिय भूमिका

अपने पूरे करियर के दौरान डॉ. रादवान अंतरराष्ट्रीय मंचों पर हमेशा एक जानी-मानी हस्ती रही हैं। उन्होंने दुनिया भर के बड़े सम्मेलनों में सऊदी अरब का प्रतिनिधित्व किया है। मई 2025 में उन्होंने संयुक्त राष्ट्र में सऊदी प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व किया था। इस दौरान उन्होंने फिलिस्तीन के मुद्दे और दो-राज्य समाधान पर हुई बैठकों की सह-अध्यक्षता की थी। इसके अलावा, हाल ही में जून 2026 के महीने में उन्होंने नॉर्वे में आयोजित Oslo Forum में सऊदी अरब का प्रतिनिधित्व किया था। इस फोरम में उन्होंने मध्य पूर्व में मध्यस्थता से जुड़े सत्रों में हिस्सा लिया था। उसी महीने उन्होंने रोम में हुई मेडिटेरियन-गल्फ समिट में भी भाग लिया था। इन सभी बड़े मंचों पर उन्होंने हमेशा इस बात पर जोर दिया है कि क्षेत्र में शांति और सुरक्षा बनाए रखने के लिए एक स्वतंत्र फिलिस्तीनी देश का होना बहुत जरूरी है। इस बारे में अधिक जानकारी के लिए आप QNA की रिपोर्ट देख सकते हैं।

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