Marib के पास सऊदी गठबंधन की एयरस्ट्राइक, हिचकी में आए दर्जनों हूती विद्रोही, मची भारी तबाही.

यमन में चल रहे संघर्ष के बीच एक बड़ी सैन्य कार्रवाई देखने को मिली है, जहां 6 सितंबर 2026 को मारिब के पास हूती विद्रोहियों के ठिकानों पर सटीक हमले किए गए। इस सैन्य कार्रवाई में भारी संख्या में हूती मिलिशिया के मारे जाने की खबर सामने आई है। हिंसा का यह दौर शनिवार दोपहर से लेकर रविवार सुबह तक लगातार जारी रहा, जिसमें 140 से ज्यादा लड़ाके अपनी जान गंवा बैठे। इस हिंसा ने एक बार फिर आम जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित किया है और क्षेत्र में तनाव का माहौल बना हुआ है।
सऊदी समर्थित सरकार और हूती विद्रोहियों को भारी नुकसान
सऊदी समर्थित यमन सरकार के सैन्य सूत्रों ने जानकारी दी है कि इस संघर्ष में सरकारी सेना के 84 सैनिक शहीद हो गए। इन सैनिकों की मौत का मुख्य कारण हूती विद्रोहियों द्वारा दागी गई मिसाइलें थीं। वहीं दूसरी ओर, हूती सैन्य स्रोतों ने भी इस बात को स्वीकार किया कि इसी तय समय के दौरान उनके 57 लड़ाके मारे गए। इस संघर्ष में सऊदी के नेतृत्व वाले गठबंधन की तरफ से भारी एयर सपोर्ट भी दिया जा रहा है, ताकि विद्रोहियों के बढ़ते कदमों को रोका जा सके। इसके साथ ही पश्चिमी तट पर अल-अमलका ब्रिगेड ने भी हूती ठिकानों के खिलाफ बड़े पैमाने पर सैन्य अभियान चलाए हैं।
तोर और तटीय इलाकों में बढ़ा तनाव
हिंसा की यह ताज़ा लहर 4 सितंबर को तब शुरू हुई जब हूती विद्रोहियों ने तटीय क्षेत्रों और ताइज़ के आसपास के इलाकों को निशाना बनाते हुए ज़मीनी हमला शुरू किया। इस हमले में मिसाइल और ड्रोन का भी खुलकर इस्तेमाल किया गया। विद्रोहियों का मुख्य उद्देश्य रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण बाब अल-मंदाब जलडमरूमध्य की तरफ आगे बढ़ना बताया जा रहा है। इसके जवाब में यमन की सशस्त्र सेनाओं ने अल-बरह, सकम और होदेइदाह के इलाकों में जवाबी कार्रवाई की और होदेइदाह प्रांत के हेस जिले पर पूरी तरह से फिर से कब्ज़ा जमा लिया, क्योंकि हूती विद्रोहियों को वहां से पीछे हटना पड़ा था।
ताइज़ शहर पर मिसाइल हमला और मानवीय संकट
रविवार के दिन हूती बलों ने ताइज़ शहर पर बैलिस्टिक मिसाइलें दाग दीं। रिपोर्ट के अनुसार, शहर के नागरिक बुनियादी ढांचे के पास 3 से 6 मिसाइलें गिरीं, जिससे इलाके में अफरातफरी मच गई। गनीमत यह रही कि इन खास हमलों में किसी भी आम नागरिक के हताहत होने की खबर सामने नहीं आई। लेकिन इसके बावजूद आम जनता पर इसका गंभीर असर पड़ रहा है। इससे एक दिन पहले यानी 5 सितंबर को ताइज़ के पश्चिम में स्थित अल-कदाहा और अल-रहबा क्षेत्रों में हूती स्निपर्स की गोलीबारी में 4 नागरिक घायल हो गए थे, जिनमें 3 बच्चे और 1 महिला शामिल थी।
सरकार का कड़ा रुख
यमन की राष्ट्रपति नेतृत्व परिषद के अध्यक्ष रशाद अल-अमीमी ने सैन्य बलों के इरादों को पूरी तरह स्पष्ट कर दिया है। उन्होंने कहा है कि सरकार देश में अपनी पूरी सत्ता और नियंत्रण को वापस लाने के लिए पूरी तरह से प्रतिबद्ध है। उन्होंने हूती नेतृत्व को चेतावनी देते हुए कहा है कि उन्हें अपने इस चल रहे आक्रामक अभियान के गंभीर परिणाम भुगतने होंगे। लगातार हो रहे इन हमलों की वजह से यमन के आम नागरिकों का जीवन बेहद कठिन हो गया है और हर तरफ सुरक्षा को लेकर चिंता बनी हुई है।