West Bank में नया शैक्षणिक सत्र शुरू, Masafer Yatta के बच्चों पर मंडरा रहा है स्कूलों पर बुलडोजर चलने का खतरा.

Sushma Kumari27 August 20263 min read49 viewsWorld
West Bank में नया शैक्षणिक सत्र शुरू, Masafer Yatta के बच्चों पर मंडरा रहा है स्कूलों पर बुलडोजर चलने का खतरा.

कब्जे वाले West Bank के Masafer Yatta इलाके में रहने वाले फिलिस्तीनी बच्चों के लिए नया शैक्षणिक सत्र किसी बड़े संघर्ष से कम नहीं साबित हो रहा है। 27 अगस्त 2026 को जैसे ही नया académica वर्ष शुरू हुआ, वहां के छात्र सीधे तौर पर इजरायली सेना की तरफ से स्कूलों को गिराए जाने के खतरे के साये में क्लासरूम तक पहुंचने पर मजबूर हुए। Masafer Yatta के स्थानीय परिषद के प्रमुख Nidal Younis ने इस पूरी स्थिति को स्कूलों को तोड़ने और बसाने वालों की हिंसा में एक अभूतपूर्व तेजी बताया है, जिससे आम लोगों का जीवन और भी ज्यादा मुश्किल हो गया है।

स्कूलों और बच्चों पर लगातार बढ़ रहा संकट

Colonization and Wall Resistance Commission से मिली जानकारी के मुताबिक, इस समय कुल 84 फिलिस्तीनी स्कूल सीधे तौर पर डिमोलिशन या फिर काम रोकने के नोटिस के दायरे में आ रहे हैं। इन स्कूलों में लगभग 13,000 छात्र अपनी पढ़ाई पूरी करने की कोशिश कर रहे हैं और इनमें से दक्षिणी हीब्रोन इलाके पर सबसे ज्यादा असर पड़ रहा है। इजरायली अधिकारियों का हमेशा से यह कहना रहा है कि ये इमारतें बिना बिल्डिंग परमिट के बनाई गई हैं, इसलिए इन्हें तोड़ा जा रहा है। हालांकि, मानवाधिकार कार्यकर्ताओं का यह साफ कहना है कि एरिया सी, जो पूरी तरह से इजरायली सैन्य और प्रशासनिक नियंत्रण में है, वहां फिलिस्तीनियों के लिए इस तरह के परमिट हासिल करना लगभग नामुमकिन जैसा है।

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साल 1980 से बना हुआ है मिलिट्री जोन

Masafer Yatta क्षेत्र को साल 1980 के दशक में ही एक बंद मिलिट्री फायरिंग जोन घोषित कर दिया गया था, जिसकी वजह से यहां के स्थानीय लोगों को बुनियादी सुविधाएं मिलने में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। हाल ही में हुई घटनाओं की बात करें तो 4 अगस्त 2026 को Shaab al-Butum स्कूल के दो प्रशासनिक कमरों और एक स्टोरेज रूम को गिरा दिया गया था, और अब इस मामले पर 15 सितंबर को कोर्ट में सुनवाई होनी है। इसके अलावा, 11 अगस्त को अधिकारियों ने Khirbet al-Daba'a स्कूल के लिए भी डिमोलिशन नोटिस जारी कर दिया, जिसमें केवल 12 प्राथमिक छात्र ही पढ़ाई करते हैं। पिछले एक महीने के भीतर इस इलाके में इस तरह का यह तीसरा नोटिस जारी किया गया है। वहीं 8 जुलाई 2026 को भी एक ऐसे प्राथमिक स्कूल को गिराने का आदेश दिया गया था जहां 150 बच्चे पढ़ते हैं, और इससे पहले जुलाई 2025 में Palestine Mixed Basic School को भी सिर्फ सात दिन का डिमोलिशन नोटिस थमा दिया गया था।

अंतरराष्ट्रीय संगठनों ने जताई गहरी चिंता

बच्चों की पढ़ाई और उनके स्कूलों पर आ रहे इस संकट को लेकर दुनिया भर के अंतरराष्ट्रीय निकायों ने अपनी गहरी चिंता व्यक्त की है। UNICEF की रिपोर्ट के अनुसार, साल 2026 के दौरान शिक्षा से जुड़ी कुल 99 घटनाएं सामने आ चुकी हैं, जिनमें स्कूलों को गिराना, इमारतों का सैन्य इस्तेमाल होना और बच्चों का घायल होना या हिरासत में लिया जाना शामिल है। 11 अगस्त 2026 को UNICEF की उप कार्यकारी निदेशक Hannan Sulieman ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के सामने शिक्षा के रास्ते में आ रही इन तमाम बाधाओं का मुद्दा उठाया था। एक स्थानीय शिक्षक और कार्यकर्ता Tariq Hathaleen ने बताया कि इलाके में डर का माहौल बहुत ज्यादा बढ़ गया है, खासकर Ras Ein al-Auja स्कूल पर हुए पिछले हमलों के बाद से स्थिति और भी डरावनी हो गई है। फिलिस्तीनी शिक्षा और उच्च शिक्षा मंत्रालय ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय और मानवाधिकार संगठनों से औपचारिक अपील की है कि वे इन शैक्षणिक संस्थानों की रक्षा के लिए तुरंत आगे आएं, क्योंकि उनका मानना है कि यह सब उस आबादी को जबरन हटाने की एक सोची-समझी कोशिश है जो पहले से ही हाशिए पर जी रही है।

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