Mauritius University में खुला Ayurveda Information Corner, भारत और मॉरीशस की साझेदारी मजबूत.

भारत और मॉरीशस के बीच आपसी रिश्तों को और अधिक मजबूत बनाने की दिशा में एक अहम कदम उठाया गया है। मॉरीशस की राजधानी पोर्ट लुइस स्थित University of Mauritius में आयुर्वेद से जुड़ी जानकारी देने वाले एक खास कॉर्नर का उद्घाटन किया गया है। यह पूरा आयोजन आयुर्वेद दिवस 2026 की तैयारियों के तहत किया गया है, जिसमें दोनों देशों के कई बड़े अधिकारी और गणमान्य लोग शामिल हुए। इस कार्यक्रम के जरिए पारंपरिक चिकित्सा और आयुर्वेद के प्रचार-प्रसार पर जोर दिया गया है ताकि छात्रों और शोधकर्ताओं को इसकी सही जानकारी मिल सके।
University of Mauritius में हुआ खास आयोजन
पोर्ट लुइस स्थित भारतीय उच्चायोग ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर जानकारी साझा करते हुए बताया कि यूनिवर्सिटी परिसर में एक आधे दिन की संगोष्ठी यानी सिंपोजियम का भी आयोजन किया गया था। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य 'नो आयुर्वेद कैंपेन' को बढ़ावा देना है, जिसे भारतीय उच्चायोग की आयुष इंफॉर्मेशन सेल द्वारा चलाया जा रहा है। इस मौके पर मॉरीशस के शिक्षा, विज्ञान और अनुसंधान मंत्री Dr Kaviraj Sharma Sukon, भारतीय उच्चायुक्त Anurag Srivastava और यूनिवर्सिटी के कई अधिकारी, शिक्षक और छात्र मौजूद रहे। उच्चायुक्त ने अपने संबोधन में दोनों देशों के बीच आयुर्वेद के क्षेत्र में बढ़ रहे सहयोग की सराहना की और पारंपरिक चिकित्सा को आगे बढ़ाने में विश्वविद्यालयों की भूमिका को बहुत महत्वपूर्ण बताया।
छात्रों और शोधकर्ताओं को मिलेगा फायदा
भारतीय उच्चायोग द्वारा दी गई जानकारी के मुताबिक, इस नए आयुर्वेद इंफॉर्मेशन कॉर्नर के शुरू होने से वहां के छात्रों, शोधकर्ताओं, शिक्षकों और आम लोगों को आयुर्वेद से जुड़ी किताबें, पढ़ाई के साधन और अन्य जरूरी जानकारियां आसानी से मिल सकेंगी। यह पहल मॉरीशस और भारत के बीच पारंपरिक चिकित्सा के क्षेत्र में आपसी सहयोग को और अधिक गहरा करने का काम करेगी। इस कॉर्नर के जरिए लोगों को आयुर्वेद के फायदों और इसके इतिहास के बारे में जागरूक किया जाएगा ताकि वे अपनी जीवनशैली को बेहतर बना सकें। इस बारे में अधिक जानकारी के लिए आप भारतीय उच्चायोग के आधिकारिक पोस्ट को यहाँ देख सकते हैं और दूसरे अपडेट के लिए यहाँ क्लिक कर सकते हैं।
आयुर्वेद दिवस 2026 की तैयारियां
जैसे-जैसे आयुर्वेद दिवस का समय नजदीक आ रहा है, इसको लेकर भारत सरकार की तरफ से भी तैयारियां तेज कर दी गई हैं। इसी सिलसिले में केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण राज्य मंत्री Prataprao Jadhav ने इस साल की शुरुआत में कहा था कि आयुर्वेद दिवस को केवल एक सरकारी कार्यक्रम तक सीमित नहीं रखना चाहिए, बल्कि इसे एक जन आंदोलन और राष्ट्रीय स्वास्थ्य संवाद अभियान का रूप देना चाहिए। उन्होंने इस बात पर जोर दिया था कि यह दिन केवल भारत की पुरानी विरासत का जश्न मनाने का नहीं है, बल्कि इस विरासत को भविष्य की स्वास्थ्य संबंधी जरूरतों के साथ जोड़ने का एक बड़ा मौका है।
नागपुर में होंगे मुख्य कार्यक्रम
इस बार आयुर्वेद दिवस 2026 के मुख्य कार्यक्रम आगामी 23 September 2026 को महाराष्ट्र के नागपुर शहर में आयोजित किए जाएंगे। इस साल के कार्यक्रमों का मुख्य विषय यानी थीम "Ayurveda for a Healthier Tomorrow" रखी गई है, जो आने वाले कल को स्वस्थ बनाने के लिए हमारी पुरानी चिकित्सा पद्धति के महत्व को दर्शाती है। आयुष मंत्रालय ने देश के सभी मीडिया संस्थानों, आयुर्वेद के जानकारों, शोध करने वाले लोगों, संस्थाओं और आम नागरिकों से अपील की है कि वे इस राष्ट्रव्यापी अभियान में बढ़-चढ़कर हिस्सा लें और 11वें आयुर्वेद दिवस को सफल बनाएं।