सऊदी अरब में फंसे भारतीय ड्राइवर इंद्रमणि नौटियाल के मामले पर MEA का आया बड़ा बयान.

Nura Basta18 September 20263 min read43 viewsExpat Issues
सऊदी अरब में फंसे भारतीय ड्राइवर इंद्रमणि नौटियाल के मामले पर MEA का आया बड़ा बयान.

सऊदी अरब में लंबे समय से फंसे उत्तराखंड के एक भारतीय ट्रक ड्राइवर इंद्रमणि नौटियाल के मामले को लेकर भारत सरकार पूरी तरह सक्रिय हो गई है। विदेश मंत्रालय यानी MEA ने इस पूरे मामले पर आधिकारिक अपडेट देते हुए कहा है कि रियाद स्थित भारतीय दूतावास वहां के स्थानीय प्रशासन के लगातार संपर्क में है। इस मामले में ड्राइवर की मौजूदा कानूनी स्थिति और अन्य जरूरी जानकारियों को जुटाने का काम तेजी से चल रहा है ताकि आगे की प्रक्रिया पूरी की जा सके। विदेश मंत्रालय के इस कदम से ड्राइवर के परिवार और उनके गांव के लोगों में एक बार फिर से उम्मीद की किरण जागी है जो पिछले कई सालों से उनकी वापसी का इंतजार कर रहे हैं। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने शुक्रवार को यह जानकारी साझा की है।

साल 2018 में गए थे नौकरी की तलाश में

उत्तराखंड के जौनपुर क्षेत्र के गौसादा गांव के रहने वाले इंद्रमणि नौटियाल बेहतर भविष्य की तलाश में साल 2018 में सऊदी अरब गए थे। वहां उन्होंने रियाद की पिक रोड्स एंड कॉन्ट्रैक्टिंग कंपनी में बतौर ट्रक ड्राइवर के रूप में काम करना शुरू किया था। अपनी ड्यूटी के दौरान ही उसी साल उनकी गाड़ी एक गंभीर सड़क हादसे का शिकार हो गई थी जिसके बाद से ही उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई और मामले की सुनवाई शुरू हो गई थी। उत्तराखंड सरकार द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार इस हादसे के बाद कोर्ट ने ड्राइवर को एक साल की जेल की सजा सुनाई थी। इसके अलावा गाड़ी के रजिस्ट्रेशन और बीमा से जुड़ी कमियों के चलते कंपनी के मालिक पर 900,000 सऊदी रियाल का भारी जुर्माना भी लगाया गया था जो भारतीय मुद्रा के हिसाब से लगभग 22.9 मिलियन रुपये बनता है।

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उत्तराखंड के मुख्यमंत्री ने की थी दखل की मांग

इस साल यानी अगस्त 2026 में उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने विदेश मंत्री एस. जयशंकर को एक पत्र लिखा था। इस पत्र में उन्होंने अपील की थी कि इस मामले में जल्द से जल्द दखल दिया जाए ताकि ड्राइवर को जरूरी कानूनी और आर्थिक मदद मिल सके और उनकी भारत में सुरक्षित वापसी सुनिश्चित हो सके। परिवार और स्थानीय संगठन भी लगातार मदद की गुहार लगा रहे हैं। इस बीच विदेश मंत्रालय ने साफ किया है कि ड्राइवर की सटीक कानूनी स्थिति, उनकी व्यक्तिगत देनदारियों और देश वापसी के लिए जरूरी कानूनी कदमों की पूरी और पुख्ता जानकारी जुटाई जा रही है। सरकार का मानना है कि पुराने दावों और मौजूदा कानूनी सच्चियों के बीच फर्क करना बहुत जरूरी है ताकि सही दिशा में कदम उठाया जा सके।

गल्फ देशों में काम करने वाले प्रवासियों के लिए जरूरी जानकारी

खाड़ी देशों में रहने वाले भारतीय प्रवासियों के लिए इस तरह के सड़क हादसे कई बार बहुत बड़ी मुसीबत बन जाते हैं। गल्फ देशों के कड़े कानूनों के तहत वाहन दुर्घटनाओं में आपराधिक देनदारी, बीमा, रजिस्ट्रेशन और सिविल मुआवजे के मामले काफी उलझे हुए होते हैं। ऐसे में यदि किसी भी भारतीय परिवार को वहां किसी भी प्रकार की आपातकालीन सहायता की जरूरत पड़ती है, तो वे रियाद स्थित भारतीय दूतावास से संपर्क कर सकते हैं। दूतावास ने सहायता के लिए +966-11-4884697 पर 24 घंटे चलने वाला हेल्पलाइन नंबर, व्हाट्सएप सपोर्ट के लिए +966-542126748, टोल-फ्री नंबर 8002471234 और जेल से संबंधित मदद के लिए एक खास नंबर +966-11-4816348 जारी कर रखा है। इसके अलावा परिवार के लोग भारत सरकार के MADAD portal पर जाकर भी अपनी शिकायत दर्ज करा सकते हैं, जिसमें पासपोर्ट नंबर, इकामा, कंपनी की जानकारी और अदालत के केस नंबर जैसी सभी जरूरी बातें साफ-साफ भरनी होती हैं ताकि समय रहते मदद पहुंचाई जा सके।

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