MEA ने भारतीय नागरिकों को रूसी सेना में शामिल होने से किया सावधान

भारतीय विदेश मंत्रालय (MEA) ने हाल ही में एक सख्त चेतावनी जारी की है, जिसमें देश के नागरिकों को पैसे के लालच में रूसी सशस्त्र बलों में शामिल होने से बचने की सलाह दी गई है। विदेश मंत्रालय ने साफ किया है कि इस तरह के समझौतों में फंसकर लोग अपनी जान जोखिम में डाल रहे हैं। विदेशों में बेहतर कमाई के झूठे वादों के झांसे में आने वाले युवाओं के लिए यह एक गंभीर चेतावनी है।
विदेश मंत्रालय की कड़ी चेतावनी और जोखिम
सरकार की ओर से जारी सलाह में कहा गया है कि नौकरी के नाम पर फर्जी एजेंट और गैर-आधिकारिक समूह भोले-भाले नागरिकों को अपने जाल में फंसाते हैं। पैसों के लालच में आकर जो लोग रूसी सेना के साथ अनुबंध पर हस्ताक्षर करते हैं, उन्हें अत्यधिक खतरनाक और जीवन के लिए जोखिम भरी परिस्थितियों का सामना करना पड़ता है। मंत्रालय ने यह भी स्पष्ट किया है कि एक बार सेना में शामिल होने के बाद कानूनी और प्रशासनिक जटिलताएं इतनी बढ़ जाती हैं कि कूटनीतिक चैनलों के जरिए तुरंत रिहाई सुनिश्चित करना बहुत मुश्किल हो जाता है।
आंकड़े और मौजूदा स्थिति
विदेश मंत्रालय द्वारा साझा किए गए आंकड़ों के अनुसार, रूसी सेना में भर्ती किए गए भारतीय नागरिकों की संख्या सैकड़ों में है। इनमें से कई लोगों को सुरक्षित वापस लाया जा चुका है, जबकि कुछ लोगों की जान भी जा चुकी है। हालांकि सरकार रूसी अधिकारियों के लगातार संपर्क में है ताकि वहां फंसे बाकी सभी भारतीयों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके और उन्हें जल्द से जल्द वापस लाया जा सके, लेकिन फिर भी नागरिकों को अत्यधिक सावधानी बरतने की जरूरत है।
सुरक्षित रहने के लिए क्या करें?
विदेश मंत्रालय ने नागरिकों से अपील की है कि वे विदेश में नौकरी के किसी भी प्रस्ताव को स्वीकार करने से पहले उसकी पूरी जांच-पड़ताल (due diligence) करें। केवल उन्हीं एजेंटों और एजेंसियों के माध्यम से विदेश जाएं जो सरकार के पास आधिकारिक तौर पर पंजीकृत हैं। थोड़े से वित्तीय लाभ के लिए अपनी नागरिकता को खतरे में डालना या बिना सोचे-समझे खतरनाक कदम उठाना भारी पड़ सकता है।