हुथी हमलों के बीच मक्का पैक्ट लागू: सऊदी अरब में तुर्की और पाकिस्तान जल्द तैनात करेंगे सेना

सऊदी अरब में हुथी विद्रोहियों द्वारा किए जा रहे लगातार हमलों के बीच एक बड़ा सुरक्षा फैसला लिया गया है। सऊदी अरब, तुर्की और पाकिस्तान ने 'मक्का डिफेंस एलायंस' (Mecca Defence Alliance) के तहत सामूहिक रक्षा उपायों को सक्रिय करने पर सहमति जताई है। अब ये तीनों देश सऊदी अरब की सुरक्षा के लिए अपनी सैन्य क्षमताओं और बलों की तेजी से तैनाती करेंगे।
रियाद में मक्का डिफेंस एलायंस की पॉलिटिकल और डिफेंस स्ट्रैटेजिक कमेटी की एक आपातकालीन बैठक हुई। इस बैठक में सऊदी अरब के सामने मौजूद सुरक्षा खतरों और मौजूदा हालातों पर गंभीर चर्चा की गई। सऊदी रक्षा मंत्री प्रिंस खालिद बिन सलमान अल सऊद ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर जानकारी साझा करते हुए कहा कि यह कदम पवित्र स्थलों और किंगडम पर हो रहे घिनौने हमलों का मुकाबला करने और एकजुटता दिखाने के लिए उठाया गया है।
सामूहिक रक्षा के लिए व्यावहारिक कदम
बैठक के बाद जारी एक संयुक्त बयान में स्पष्ट किया गया है कि अब सामूहिक रक्षा प्रतिबद्धताओं को कागजों से निकालकर व्यावहारिक रूप से लागू किया जाएगा। इसके तहत सदस्य देशों के राष्ट्रीय कानूनों और तय व्यवस्थाओं के अनुसार सैन्य बलों और संसाधनों को जल्द से जल्द सऊदी अरब में तैनात किया जाएगा। इस पूरी कवायद का मुख्य उद्देश्य सैन्य तैयारी को बढ़ाना और तीनों देशों की सामूहिक क्षमता को मजबूत करना है ताकि किसी भी खतरे का प्रभावी ढंग से सामना किया जा सके।
इस रणनीतिक कदम के साथ ही गठबंधन ने एक संस्थागत मोड़ भी लिया है। पाकिस्तान सेना के सेवानिवृत्त लेफ्टिनेंट जनरल नुमान महमूद को तीन साल के कार्यकाल के लिए गठबंधन का पहला महासचिव नियुक्त किया गया है।
तीनों देशों ने हुथी विद्रोहियों द्वारा मक्का और मदीना जैसे पवित्र शहरों को निशाना बनाने की कोशिशों की कड़ी निंदा की है। साथ ही, सऊदी अरब के नागरिक इलाकों, आर्थिक केंद्रों और अन्य सुविधाओं पर हो रहे हमलों को अस्वीकार्य बताया है। गठबंधन ने साफ किया कि किसी भी सदस्य देश की सुरक्षा को अलग नहीं देखा जा सकता और यह तीनों राष्ट्रों की सामूहिक सुरक्षा का अटूट हिस्सा है।