मेहली मिस्त्री ने नोएल टाटा की ट्रस्टी पात्रता पर उठाए सवाल, मांगी नागरिकता की जानकारी

मेहली मिस्त्री ने नोएल टाटा की आयरिश नागरिकता और यूएई रेजिडेंसी को लेकर उनकी ट्रस्टी पात्रता पर सवाल उठाए हैं।

Lov Singh5 November 20262 min read0 viewsEnglish
मेहली मिस्त्री ने नोएल टाटा की ट्रस्टी पात्रता पर उठाए सवाल, मांगी नागरिकता की जानकारी

नई दिल्ली: मेहली मिस्त्री ने बाई हीराबाई जमसेतजी टाटा नवसारी चैरिटेबल इंस्टीट्यूशन के ट्रस्टी के रूप में नोएल टाटा की पात्रता पर गंभीर सवाल उठाए हैं। मिस्त्री का आरोप है कि नोएल टाटा के पास आयरिश नागरिकता और यूएई का गोल्डन वीजा है, साथ ही वह संयुक्त अरब अमीरात के टैक्स रेजिडेंट भी हैं।

ग्रेटर मुंबई रीजन के डिप्टी चैरिटी कमिश्नर के समक्ष दाखिल एक जवाब में मिस्त्री ने मांग की है कि नोएल टाटा एक हलफनामा जमा करें। इस हलफनामे में उन्हें अपनी नियुक्ति के समय की नागरिकता, नागरिकता बदलने की परिस्थितियों और वर्तमान टैक्स रेजिडेंसी स्टेटस का खुलासा करना होगा। यह जवाब चेंज रिपोर्ट नंबर 678 (2026) के तहत 14 अक्टूबर 2026 को ट्रस्ट द्वारा दिए गए जवाब के बाद दाखिल किया गया है।

मिस्त्री ने आरोप लगाया कि ट्रस्ट उनकी नागरिकता और विदेशी टैक्स रेजिडेंसी पर तो सवाल उठा रहा है, लेकिन अपने रिपोर्टिंग ट्रस्टी नोएल टाटा के मामले में इन मुद्दों को नजरअंदाज कर रहा है। जवाब में कहा गया है कि ट्रस्ट अपनी पात्रता तय करने के लिए मिस्त्री की नागरिकता पर सवाल नहीं उठा सकता, जबकि वह खुद के ट्रस्टी की आयरिश नागरिकता और यूएई रेजिडेंसी को छिपा रहा है।

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मिस्त्री का तर्क है कि यदि विदेशी नागरिकता और निवास को ट्रस्टी की पात्रता के लिए प्रासंगिक माना जाता है, तो यही मानक सभी ट्रस्टियों पर समान रूप से लागू होने चाहिए। उन्होंने यह स्पष्ट करने को कहा है कि नियुक्ति के समय नोएल भारतीय नागरिक थे या आयरिश, और क्या उन्होंने भारतीय पासपोर्ट के साथ स्विस पासपोर्ट भी रखा था।

मिस्त्री ने ट्रस्ट के उस दावे को भी चुनौती दी है जिसमें उनकी नागरिकता को आधार बनाया गया है। उनका कहना है कि ट्रस्ट डीड, विल या कोडिसिल में कहीं भी भारतीय नागरिकता या टैक्स रेजिडेंसी को ट्रस्टी बनने की शर्त नहीं बनाया गया है। उन्होंने तर्क दिया कि ट्रस्ट डीड की धारा 18 के अनुसार ट्रस्टी का बॉम्बे प्रेसीडेंसी या नवसारी में स्थायी निवासी होना जरूरी है, जिसे विदेशी नागरिकता से अलग देखा जाना चाहिए।

इसके अलावा, मिस्त्री ने अपनी ट्रस्टीशिप खत्म करने के दावे का विरोध किया है। ट्रस्ट का कहना है कि 28 अक्टूबर 2025 को तीन साल का कार्यकाल पूरा होने पर उनकी सदस्यता समाप्त हो गई, लेकिन मिस्त्री ने कहा कि 1913 की विल या 1923 की ट्रस्ट डीड में कार्यकाल की कोई निश्चित समय सीमा या तीन साल बाद स्वतः समाप्ति का प्रावधान नहीं है।

मिस्त्री ने अपनी बर्खास्तगी को अवैध बताते हुए इसे संस्थान के शासन और कुछ ट्रस्टियों द्वारा प्राप्त व्यक्तिगत लाभों पर उठाए गए सवालों से जोड़ा है। उन्होंने टाटा समूह की मौजूदा स्थिति पर कटाक्ष करते हुए कहा कि यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि एक टाटा ही 'टाटा' को नष्ट कर रहा है।

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