MI5 की चेतावनी, ब्रिटेन के सैन्य ठिकानों पर ईरान की साजिशें बढ़ीं

लंदन: ब्रिटेन की खुफिया एजेंसी MI5 के महानिदेशक केन मैकलम ने चेतावनी दी है कि ईरान अपने इरादों में बड़ा बदलाव कर चुका है और अब देश के भीतर सैन्य ठिकानों और दूसरे हाई-सिक्योरिटी स्थानों को ज़्यादा निशाना बना रहा है। 13 अक्टूबर 2026 को राष्ट्रीय खतरों पर अपने सालाना भाषण में उन्होंने यह बात कही।
मैकलम ने कहा कि फिलहाल ईरान के पास ब्रिटिश ठिकानों पर परिष्कृत हमले करने की क्षमता नहीं है, लेकिन खतरे की तीव्रता और दायरा बदल रहा है। उनके मुताबिक पिछले एक साल में ईरान से जुड़े अभियानों के सिलसिले में ब्रिटेन में 50 से ज़्यादा गिरफ्तारियां हुईं। निगरानी बढ़ने पर तेहरान को अक्सर आपराधिक एजेंटों की मदद लेनी पड़ती है।
प्रधानमंत्री एंडी बर्नहैम ने 12 अक्टूबर 2026 को कहा कि 27 सितंबर को ग्लॉसेस्टरशायर स्थित RAF फेयरफोर्ड ठिकाने पर हुई संदिग्ध साजिश लगभग निश्चित रूप से ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड्स कॉर्प्स (IRGC) के निर्देश पर रची गई थी। इस घटना में पुलिस को ठिकाने पर खड़ी वैन में पेट्रोल मिला, हालांकि कोई विस्फोटक नहीं मिला।
इस मामले में 20 से 30 वर्ष की उम्र के सात ब्रिटिश नागरिकों को गिरफ्तार किया गया था, जिन्हें बाद में जमानत पर छोड़ा गया है। सुरक्षा चिंताओं के चलते अमेरिका ने इस ठिकाने से अपने बमवर्षक विमान हटा लिए। इसके बाद ब्रिटिश सरकार ने दो ईरानी नागरिकों पर नए प्रतिबंधों की घोषणा की है, जिनमें IRGC के काउंटरएस्पायोनेज अभियानों से जुड़ा एक वरिष्ठ अधिकारी भी शामिल है।
विदेश सचिव एड मिलिबैंड ने ईरानी राजदूत सैयद अली मूसवी को तलब किया और उन्हें औपचारिक रूप से बताया कि ब्रिटेन इन शत्रुतापूर्ण गतिविधियों को बर्दाश्त नहीं करेगा। वहीं ईरान ने इन आरोपों को निराधार और दुर्भावनापूर्ण अटकलें बताकर खारिज कर दिया है।
ब्रिटेन, अमेरिका और लगभग दो दर्जन अन्य पश्चिमी देशों के संयुक्त बयान में ईरान की इन कार्रवाइयों की निंदा की गई है। बयान के मुताबिक फेयरफोर्ड की घटना दिखाती है कि तेहरान गुप्त नेटवर्क और प्रॉक्सी तत्वों के जरिए अब भी शत्रुता फैलाने पर आमादा है।