Gold लेकर दुबई से दिल्ली पहुचते ही गिरफ्तार हुआ प्रवासी, Limit से इतना ज़्यादा लाया कि 14 दिन जेल भेजा गया.

नई दिल्ली: दिल्ली के इंदिरा गांधी इंटरनेशनल एयरपोर्ट (IGI) पर कस्टम अधिकारियों ने एक बेहद सुनियोजित सोना स्मगलिंग गिरोह का भंडाफोड़ किया है। खुफिया जानकारी के आधार पर की गई कार्रवाई में दुबई से दिल्ली आई इमिरेट्स की फ्लाइट EK-514 (21 सितंबर 2026) की गहन तलाशी के दौरान अधिकारियों को एक चौंकाने वाला तरीका मिला।
कैसे छुपाया गया सोना?
अधिकारियों ने विमान की दो सीटों के नीचे से तीन छोटे बैग बरामद किए, जिनमें सोना चेन (ज्वेलरी) के आकार में ढालकर, ऊपर से चांदी और काले रंग का स्प्रे करके छुपाया गया था — ताकि स्कैनिंग और आम निगरानी के दौरान यह असली सोना न लगे।
उसी फ्लाइट के 8 यात्री गिरफ्तार
जांच आगे बढ़ने पर पता चला कि यह सिर्फ एक व्यक्ति का काम नहीं था — उसी फ्लाइट में सफर कर रहे कुल 8 यात्रियों (जिनमें एक महिला भी शामिल है) को इस पूरे नेटवर्क से जुड़ा पाया गया और गिरफ्तार कर लिया गया।

मोडस ऑपरेंडी — "एग्ज़िबिशन" का बहाना बनाकर बार-बार दुबई जाना
जांच में सामने आया कि यह गिरोह बार-बार, नियमित तौर पर दुबई की यात्रा करता था — हर बार यह बहाना बनाकर कि वे किसी एग्ज़िबिशन (प्रदर्शनी) में शामिल होने जा रहे हैं। असल मकसद होता था सोने को चेन और ज्वेलरी के रूप में ढालकर, शरीर पर पहनकर या सामान में छुपाकर भारत लाना — ताकि शक न हो।
कुल बरामदगी — 6.5 किलो सोना, कीमत करीब ₹9 करोड़
- कुल वज़न: 6.5 किलोग्राम सोना
- अनुमानित कीमत: लगभग ₹9 करोड़
- तरीका: ज्वेलरी के रूप में ढालकर, रंग बदलकर सीट के नीचे छुपाना
कानूनी कार्रवाई शुरू
गिरफ्तार किए गए सभी 8 आरोपियों की मेडिकल जांच के बाद उन्हें पटियाला हाउस कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उन्हें 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। कस्टम विभाग इस पूरे नेटवर्क की जड़ तक पहुंचने के लिए आगे की जांच कर रहा है — यह पता लगाया जा रहा है कि इसके पीछे कोई बड़ा संगठित सिंडिकेट तो नहीं है, और अन्य कितने लोग इसमें शामिल हो सकते हैं।
यह कोई इकलौता मामला नहीं — IGI पर लगातार बढ़ रही हैं ऐसी घटनाएं
गौर करने वाली बात यह है कि पिछले कुछ हफ्तों में ही IGI एयरपोर्ट पर कई सोना तस्करी के मामले पकड़े जा चुके हैं — चाहे वह अंडरगारमेंट्स में छुपाया गया सोना हो, बेल्ट और ट्राउज़र में सिले हुए गुप्त खाने हों, या फिर सीट के नीचे छुपाया गया सोना। यह साफ दिखाता है कि दुबई-दिल्ली रूट सोना तस्करों का एक पसंदीदा गलियारा बना हुआ है, और कस्टम विभाग की एयर इंटेलिजेंस यूनिट (AIU) लगातार सतर्कता बढ़ा रही है।