यमन के ताइज़ में सैन्य विमानों ने हूती ठिकानों पर हमला कर हथियार जब्त किए और सऊदी अरब में ड्रोन हमले नाकाम हुए
यमन के ताइज़ में सैन्य विमानों ने हूती ठिकानों को तबाह कर हथियार जब्त किए। सऊदी अरब में भी ड्रोन और मिसाइल हमले नाकाम हुए।

ताइज़ (यमन): यमन के ताइज़ स्थित अल-हौबन इलाके में सैन्य विमानों ने बड़े पैमाने पर ऑपरेशन चलाया है। इस कार्रवाई के दौरान सेना ने हूती मिलिशिया के कई ठिकानों पर कब्जा कर लिया और वहां से भारी मात्रा में हथियार जब्त किए हैं। यह घटना ताइज़ प्रांत में बढ़ते संघर्ष के बीच सामने आई है।
यमन सरकार की सेना के प्रवक्ता माजिद अल-नाज़िली ने बताया कि 22 अक्टूबर 2026 को हूती ठिकानों पर 835 टारगेट ऑपरेशन किए गए। इस हमले में 285 हूती लड़ाके मारे गए और उनके कई युद्ध टैंकों व हथियारों के जखीरे को पूरी तरह तबाह कर दिया गया।
वहीं दूसरी ओर सऊदी अरब में भी तनाव बढ़ गया है। सऊदी नेतृत्व वाले गठबंधन के प्रवक्ता मेजर जनरल तुर्की अल मलकी ने पुष्टि की कि 23 अक्टूबर को हूती बलों द्वारा दागे गए 11 ड्रोन और एक बैलिस्टिक मिसाइल को नाकाम कर दिया गया। ये हमले रियाद, मदीना, नजरान और पूर्वी प्रांत के ऊपर किए गए थे।
इससे पहले पूर्वी प्रांत में हुए हमलों में दममाम के किंग फहद इंटरनेशनल एयरपोर्ट और अरामको तेल सुविधाओं के पास चार लोगों की मौत हो गई थी। सुरक्षा बढ़ाने के लिए ब्रिटेन ने सऊदी बुनियादी ढांचे की सुरक्षा के लिए रॉयल एयर फोर्स के टाइफून फाइटर जेट तैनात किए हैं।
इस हिंसा के बीच ताइज़ में मानवीय स्थिति बेहद खराब बनी हुई है। संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार प्रमुख वोल्कर तुर्क ने चेतावनी दी है कि हूतियों द्वारा ताइज़ की घेराबंदी से नागरिकों को गंभीर खतरा है, क्योंकि इसके कारण जरूरी आपूर्ति और मानवीय सहायता के रास्ते बंद हो गए हैं।
आंकड़ों के मुताबिक, अगस्त 2026 से अब तक हिंसा की वजह से करीब 2.60 लाख लोग विस्थापित हो चुके हैं। इनमें से लगभग आधे लोग ताइज़ शहर के भीतर ही शरण लेने को मजबूर हुए हैं।