सऊदी हवाईअड्डों पर मिसाइल हमले और टैंकर पर हमले से खाड़ी क्षेत्र में तनाव बढ़ा

खाड़ी क्षेत्र में तनाव एक खतरनाक मोड़ पर पहुंच गया है। ईरान समर्थित हूती विद्रोहियों ने सऊदी अरब के महत्वपूर्ण विमानन बुनियादी ढांचे को निशाना बनाया है, वहीं कतर के पास एक समुद्री टैंकर पर हमला किया गया है। अमेरिका और ईरान के बीच गहराते गतिरोध के बीच ये घटनाएं पूरे क्षेत्र की सुरक्षा व्यवस्था के लिए बड़ी चुनौती बन गई हैं। सऊदी हवाईअड्डे पर हमले और समुद्री हमलों ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चिंता बढ़ा दी है।
ताजा घटनाक्रम में, हूती समूह ने दावा किया है कि उन्होंने रियाद के किंग खालिद इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर बैलिस्टिक मिसाइल से हमला किया। इससे पहले इस हफ्ते रियाद और अबहा इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर भी हमले हुए थे। सऊदी अधिकारियों के मुताबिक, मंगलवार और बुधवार को हुए इन हमलों में तीन लोगों की मौत हो गई और 36 घायल हुए, जिनमें मोरक्को और अल्जीरिया की दो महिला नागरिक भी शामिल थीं। इन हमलों की वजह से रियाद के अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर उड़ानों का संचालन बार-बार बाधित हुआ है।
सऊदी अरब की जवाबी कार्रवाई और समुद्री संकट
इन हमलों के जवाब में सऊदी नेतृत्व वाले गठबंधन ने कड़ा रुख अपनाया है। गठबंधन ने यमन के सादा, होडेइदा, अल-जौफ और मारिब प्रांतों में हूती विद्रोहियों के 82 सैन्य ठिकानों पर व्यापक हमले किए। इस कार्रवाई में मिसाइल भंडारण केंद्रों, कमांड सेंटरों और संचार साइटों को पूरी तरह तबाह कर दिया गया है। वहीं, हूती प्रवक्ता याह्या सा़री ने दुनिया भर की एयरलाइनों को सऊदी हवाई क्षेत्र से बचने की चेतावनी दी है।
जमीनी तनाव के साथ-साथ समुद्र में भी हालात बिगड़ रहे हैं। यूके मैरीटाइम ट्रेड ऑपरेशंस (UKMTO) ने रिपोर्ट दी है कि बुधवार, 7 अक्टूबर 2026 को कतर के मदीनत अल शमाल के उत्तर में लगभग 94 किलोमीटर दूर एक टैंकर पर कई प्रोजेक्टाइल से हमला किया गया। इस हमले में हताहतों की पुष्टि हुई है। यह घटना ऐसे समय में हुई है जब 호र्मुज़ जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) में ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स द्वारा जहाजों को परेशान करने की खबरें आ रही हैं।
कूटनीतिक मोर्चे पर भी बयानबाजी तेज है। ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स के सलाहकार माजिद मिराहमदी ने दावा किया कि 호र्मुज़ जलडमरूमध्य पूरी तरह ईरान के नियंत्रण में है। हालांकि, अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो ने इन दावों को खारिज करते हुए कहा कि तेल का प्रवाह युद्ध से पहले के स्तर के करीब बना हुआ है। क्षेत्रीय सुरक्षा को मजबूत करने के लिए अमेरिका ने अक्टूबर की शुरुआत में सऊदी अरब और कतर में अतिरिक्त पैट्रियट मिसाइल बैटरियां तैनात की हैं। राहत की बात यह है कि संयुक्त अरब अमीरात के हवाई अड्डे, जिनमें दुबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट शामिल है, पूरी तरह चालू हैं।