मोहम्मद रिजवान ने NCCIA की बदलती दलीलों पर उठाए गंभीर सवाल

क्रिकेट जगत में उस समय हलचल तेज हो गई जब पाकिस्तान क्रिकेट टीम के स्टार खिलाड़ी मोहम्मद रिजवान ने नेशनल साइबर क्राइम इन्वेस्टिगेशन एजेंसी (NCCIA) की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए। एक रिपोर्ट के मुताबिक, रिजवान ने एजेंसी द्वारा बार-बार जांच के कारण बदलने पर स्पष्टीकरण मांगा है।
पूरा मामला तब शुरू हुआ जब इंग्लैंड के खिलाफ लॉर्ड्स टेस्ट में पाकिस्तान की हार के तुरंत बाद एजेंसी ने जांच का दायरा बढ़ाया था। रिजवान को भेजे गए शुरुआती नोटिस में स्पष्ट रूप से सट्टेबाजी और जुए से जुड़े मामलों का जिक्र किया गया था। लेकिन हाल ही में जारी किए गए नए पत्र में सट्टेबाजी का कोई जिक्र नहीं था, बल्कि इसे पाकिस्तान इलेक्ट्रॉनिक क्राइम्स एक्ट (PECA 2016) के प्रावधानों के तहत जांच बताया गया, हालांकि यह स्पष्ट नहीं किया गया कि कानून के किस नियम का उल्लंघन हुआ है।
रिजवान की कानूनी टीम ने इस बात पर कड़ी आपत्ति जताई है कि बिना किसी पुख्ता और स्पष्ट आरोप के उनके मुक्किल की छवि को नुकसान पहुंचाया गया। वकीलों ने यह भी जानना चाहा है कि क्या इस मामले में पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (PCB) या अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (ICC) की भ्रष्टाचार रोधी इकाइयों से कोई सलाह ली गई थी या नहीं।
इसके अलावा, लंदन में उनका मोबाइल फोन जब्त किए जाने के बाद से लगातार उसके रख-रखाव और जब्ती के दस्तावेजों पर भी सवाल उठाए जा रहे हैं। रिजवान ने साफ किया है कि वह तय तारीख पर एजेंसी के सामने पेश होंगे, लेकिन वे चाहते हैं कि जांच के उद्देश्यों में बार-बार आ रहे बदलावों पर एजेंसी पूरी पारदर्शिता बरते।