लंदन पहुंचे मोहन भागवत, हीथ्रो एयरपोर्ट पर प्रवासी भारतीयों ने किया भव्य स्वागत और आत्मीय अगवानी.

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ यानी RSS के सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत अपने निर्धारित ब्रिटेन दौरे के तहत 2 सितंबर, 2026 को लंदन पहुंचे। लंदन के हीथ्रो हवाई अड्डे पर उतरने के बाद प्रवासी भारतीयों ने उनका बहुत ही भव्य स्वागत किया। इसके बाद एक स्थानीय भारतीय परिवार के घर पर पारंपरिक तरीके से आरती की थाली, तिलक लगाकर और फूलों के साथ उनकी आत्मीय अगवानी की गई। यह पूरा दौरा संघ के शताब्दी वर्ष के अवसर पर ब्रिटिश संगठन 'इंटीग्रल' के निमंत्रण पर लोगों से लोगों के बीच संपर्क यानी 'पीपुल-टू-पीपुल' संवाद को बढ़ावा देने के लिए आयोजित किया जा रहा है।
लंदन में प्रेस वार्ता और यात्रा का मुख्य उद्देश्य
4 सितंबर, 2026 को आरएसएस के अखिल भारतीय प्रचार प्रमुख सुनील आंबेकर ने लंदन में एक प्रेस वार्ता को संबोधित किया। उन्होंने पत्रकारों को बताया कि डॉ. भागवत की इस यात्रा का मुख्य उद्देश्य सभ्यतागत और सांस्कृतिक संवाद को गहरा करना है। इसके साथ ही इसका मकसद लोगों से लोगों के संबंधों को मजबूत बनाना और संघ के शताब्दी-वर्ष के अनुभव को पूरी दुनिया के साथ साझा करना भी है। डॉ. भागवत का यह संदेश दुनिया को एकजुट करने और भारत के प्राचीन विचार 'वसुधैव कुटुंबकम्' यानी पूरी दुनिया एक परिवार है, के संदेश को आगे बढ़ाने पर केंद्रित है।
प्रमुख धार्मिक स्थलों का दौरा और विरोध प्रदर्शन
अपनी इस यात्रा के दौरान डॉ. मोहन भागवत ने विल्सडेन स्थित श्री स्वामीनारायण मंदिर और खालसा जत्था ब्रिटिश आइल्स गुरुद्वारे का दौरा किया है। इसके अलावा उनके कार्यक्रम में लंदन के एक जैन मंदिर जाने का भी कार्यक्रम शामिल है। ब्रिटिश कंजरवेटिव सांसद बॉब ब्लैकवुड ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर पोस्ट शेयर करते हुए लिखा कि वह डॉ. भागवत के विचारों को सुनकर बहुत खुश हैं। वहीं दूसरी तरफ, साउथ एशिया सॉलिडेरिटी ग्रुप और हिंदू फॉर ह्यूमन राइट्स यूके के नेतृत्व में नागरिक समाज के करीब 20 संगठनों ने लंदन के मेयर और यूके के विदेश मंत्रालय को पत्र लिखकर इस दौरे का विरोध भी दर्ज कराया है।
ब्रिटिश सरकार की प्रतिक्रिया और आगामी सामुदायिक कार्यक्रम
ब्रिटेन के सुरक्षा मंत्री डैन जार्विस ने 3 सितंबर, 2026 को एक लिखित संसदीय प्रश्न के जवाब में स्पष्ट किया कि डॉ. भागवत की यह यात्रा देश के आव्रजन नियमों की सभी आवश्यक शर्तों को पूरा करती है। उन्होंने यह भी कहा कि गृह कार्यालय किसी भी व्यक्तिगत मामले पर सीधी टिप्पणी नहीं करता, लेकिन देश की सुरक्षा चिंताओं को दूर करने और हिंसा व घृणा फैलाने वाले किसी भी तत्व से निपटने के लिए पूरी तरह से प्रतिबद्ध है। आगामी 6 सितंबर, 2026 को 'एकता का उत्सव' विषय के तहत एक बड़ा सामुदायिक नेताओं का स्वागत समारोह और सभ्यतागत संवाद आयोजित किया जाएगा। इस कार्यक्रम की शुरुआत हिंदू स्वयंसेवक संघ यूके यानी HSS UK द्वारा 'इंटीग्रल' के सहयोग से की गई है, जिसमें ब्रिटेन भर से 310 से अधिक सामुदायिक संगठनों और संघों के भाग लेने की पूरी उम्मीद जताई जा रही है। इसके अलावा 100 से अधिक ब्रिटिश हिंदू और स्थानीय संगठनों ने पहले ही डॉ. भागवत के ब्रिटेन आगमन का खुलकर स्वागत किया है।