"माही भाई का मेरे करियर पर गहरा असर रहा", पूर्व भारतीय तेज गेंदबाज मोहित शर्मा का बड़ा बयान

भारतीय क्रिकेट के दिग्गज कप्तान एमएस धोनी की कप्तानी का जादू सिर्फ मैदान पर ही नहीं, बल्कि खिलाड़ियों के करियर और उनके सोचने के तरीके पर भी रहा है। पूर्व भारतीय तेज गेंदबाज मोहित शर्मा ने हाल ही में धोनी के साथ अपने अनुभव साझा करते हुए बताया कि कैसे 'माही भाई' की सूझबूझ ने उनके खेल को निखारने में मदद की। मोहित ने कहा कि वह बहुत भाग्यशाली थे कि उन्होंने अपने अंतरराष्ट्रीय करियर का एक बड़ा हिस्सा धोनी की कप्तानी में बिताया।
मोहित शर्मा ने अपनी यादें ताजा करते हुए कहा कि जब आप लंबे समय तक एक ही कप्तान के साथ खेलते हैं, तो वह आपकी खूबियों और कमजोरियों को गहराई से समझ लेते हैं। धोनी ने इसी समझ का इस्तेमाल करते हुए मोहित को सही समय पर और सही तरीके से मैदान पर इस्तेमाल किया। मोहित ने केवल भारतीय टीम ही नहीं, बल्कि आईपीएल में चेन्नई सुपर किंग्स (CSK) के साथ भी धोनी के नेतृत्व में काम किया और इस अनुभव को अपने करियर का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा बताया।
धोनी की सबसे बड़ी ताकत: सिचुएशनल अवेयरनेस
जब मोहित से पूछा गया कि धोनी अन्य कप्तानों से अलग कैसे थे, तो उन्होंने किसी की तुलना करने से परहेज किया, लेकिन धोनी की एक खास खूबी का जिक्र जरूर किया। मोहित के अनुसार, धोनी की 'सिचुएशनल अवेयरनेस' यानी स्थिति को भांपने की क्षमता असाधारण है। उन्होंने बताया कि जहाँ आम तौर पर किसी समस्या का एक ही समाधान होता है, वहीं धोनी एक ही चुनौती से निपटने के तीन अलग-अलग तरीके निकाल सकते हैं। वह स्थिति के हिसाब से बहुत स्मार्टली फैसला लेते हैं।
इसके अलावा, मोहित ने चेन्नई सुपर किंग्स की सफलता के पीछे के राज पर भी बात की। उन्होंने कहा कि CSK सिर्फ एक टीम नहीं बल्कि एक बड़ा ब्रांड है और इसकी सफलता का सबसे बड़ा कारण वहां का 'टीम एनवायरमेंट' है। मोहित ने बताया कि धोनी और कोच स्टीफन फ्लेमिंग सहित पूरे मैनेजमेंट का एक ही दर्शन रहा है—पहले ड्रेसिंग रूम जीतो, फिर मैदान पर मैच जीतो। टीम में आपसी रिश्तों और अच्छे मानवीय व्यवहार पर दिया गया जोर ही CSK को इतना सफल बनाता है।
गौरतलब है कि एमएस धोनी दुनिया के सबसे सफल कप्तानों में से एक रहे हैं, जिन्होंने भारत को 2007 टी20 वर्ल्ड कप, 2011 वनडे वर्ल्ड कप और 2013 चैंपियंस ट्रॉफी जैसी बड़ी जीत दिलाई है। आईपीएल में भी उन्होंने CSK को पांच बार खिताब जिताकर अपना लोहा मनवाया है।