इजरायल का साथ देने वाले यूरोपीय देशों को ईरान की चेतावनी, कहा- अब युद्ध की कीमत चुकाओ
ईरान के सुरक्षा प्रमुख मोहसिन रजाई ने यूरोपीय देशों पर इजरायल का समर्थन करने का आरोप लगाया और कहा कि अब उन्हें युद्ध की कीमत चुकानी होगी।

तेहरान: ईरान के सुरक्षा प्रमुख और सुप्रीम नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल के सचिव मोहसिन रजाई ने यूरोपीय देशों पर इजरायल के हमलों का समर्थन करने का गंभीर आरोप लगाया है। रजाई ने शुक्रवार, 30 अक्टूबर 2026 को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लिखा कि यूरोप पहले इस बात पर गर्व करता था कि इजरायल क्षेत्र में उसके लिए 'गंदा काम' कर रहा है, लेकिन अब वह युद्ध की अरबों डॉलर की लागत को लेकर शिकायत कर रहा है।
रजाई ने कड़े शब्दों में कहा कि युद्ध और आतंक की एक कीमत होती है और अब इसे चुकाने की बारी यूरोप की है। उन्होंने अपने बयान में जून 2025 में जर्मन चांसलर फ्रेडरिक मर्ज़ द्वारा की गई टिप्पणियों का भी जिक्र किया। गौरतलब है कि 28 फरवरी 2026 को दोनों पक्षों के बीच सीधे हमलों के बाद से यह संघर्ष और गहरा गया है, जिससे वैश्विक स्थिरता प्रभावित हो रही है।
तनाव उस समय और बढ़ गया जब 30 अक्टूबर को ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स ने जानकारी दी कि पिछले 24 घंटों के भीतर स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में तीन टैंकर समुद्री बारूदी सुरंगों (naval mines) की चपेट में आए हैं। वहीं, 29 अक्टूबर को अल-मायादीन से बात करते हुए एक ईरानी सूत्र ने स्पष्ट किया कि जब तक संबंधित पक्ष सात विशिष्ट शर्तों को पूरा नहीं करते, तब तक ईरान स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को फिर से खोलने या औपचारिक बातचीत शुरू करने की अनुमति नहीं देगा।
इस बीच, ईरान और अमेरिका के बीच मध्यस्थता के लिए 30 अक्टूबर को एक कतरी प्रतिनिधिमंडल तेहरान पहुंचा है। रिपोर्टों के अनुसार, अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने मोहसिन रजाई को शांति वार्ता को पुनर्जीवित करने के संबंध में एक संदेश भेजा है। हालांकि, राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने संकेत दिया है कि यह संचार ईरान की चिकित्सा आपूर्ति की जरूरतों से संबंधित हो सकता है। ईरान ने अभी तक इस संदेश का कोई औपचारिक जवाब नहीं दिया है।
जून 2026 में समुद्री नेविगेशन को लेकर मतभेदों के कारण वॉशिंगटन और तेहरान के बीच बातचीत टूट गई थी। यूरोपीय संघ ने रूस को सैन्य सहायता, क्षेत्रीय अस्थिरता और मानवाधिकारों के मुद्दों का हवाला देते हुए प्रतिबंधात्मक कदम उठाए रखे हैं। इसी कड़ी में जनवरी 2026 में इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) को एक आतंकवादी संगठन घोषित किया गया था।
संयुक्त राष्ट्र के ताजा अनुमानों के मुताबिक, अगर यह युद्ध अभी समाप्त हो जाता है, तो मध्य पूर्व की अर्थव्यवस्था को उबरने में कम से कम पांच साल का समय लगेगा। इस आर्थिक रिकवरी के लिए कुल 1.4 ट्रिलियन डॉलर की लागत आने का अनुमान है।