ईरान के सर्वोच्च नेता मोजतबा खमेनी ने दुश्मन की हताशा को नेशनल रेजिस्टेंस का फल बताया
ईरान के सर्वोच्च नेता मोजतबा खमेनी ने कहा कि दुश्मन की हताशा राष्ट्रीय प्रतिरोध का परिणाम है। उन्होंने सुरक्षा और क्षेत्रीय संबंधों पर चर्चा की।

तेहरान: ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला मोजतबा खमेनी ने अपने आधिकारिक एक्स अकाउंट के जरिए एक बयान जारी किया है। उन्होंने कहा कि दुश्मन की हताशा दरअसल नेशनल रेजिस्टेंस यानी राष्ट्रीय प्रतिरोध का ही एक परिणाम है।
यह बयान सुप्रीम नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल (SNSC) के सचिव मेजर जनरल मोहसेन रजाई के साथ उनकी पहली सार्वजनिक बैठक के बाद आया है। मोजतबा खमेनी ने मार्च 2026 में यह पद संभाला था। इससे पहले 28 फरवरी 2026 को अमेरिका और इजरायल के संयुक्त हमलों में उनके पिता अयातुल्ला अली खमेनी की हत्या कर दी गई थी।
बैठक के दौरान सर्वोच्च नेता और सचिव रजाई ने राष्ट्रीय और क्षेत्रीय सुरक्षा को सुरक्षित करने पर चर्चा की। इसमें स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज पर नियंत्रण बनाए रखने और पड़ोसी देशों के साथ द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करने पर जोर दिया गया।
दोनों नेताओं ने वर्तमान की 'न युद्ध न शांति' वाली स्थिति से बाहर निकलने की जरूरत पर बात की। उन्होंने इस बात पर बल दिया कि ईरानी लोगों और व्यापक 'प्रतिरोध मोर्चे' के अधिकारों और हितों की रक्षा करना जरूरी है।
यह मुलाकात सचिव रजाई द्वारा सऊदी अरब, पाकिस्तान और तुर्की के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ तेहरान में की गई बहुपक्षीय बातचीत के एक दिन बाद हुई। इन कूटनीतिक प्रयासों का मकसद क्षेत्रीय तनाव को कम करना और अमेरिका-इजरायल की सैन्य कार्रवाइयों को रोकना है। ये सभी देश अगस्त 2026 में बने मक्का पारस्परिक रक्षा समझौते के हस्ताक्षरकर्ता हैं।
ईरान फिलहाल अमेरिका और इजरायल के साथ संघर्ष की स्थिति में है। 22 सितंबर 2026 को संयुक्त राष्ट्र महासभा के दौरान ईरान ने युद्ध खत्म करने और सात दिनों के भीतर स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज को फिर से खोलने की योजना पेश की थी। इस प्रस्ताव की शर्त यह थी कि अमेरिका ईरानी बंदरगाहों की नौसैनिक नाकाबंदी खत्म करे और तेल निर्यात पर लगे प्रतिबंध हटाए।
ईरानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बगाई ने 27 अक्टूबर 2026 को बताया कि औपचारिक बातचीत के मामले में अमेरिकी पक्ष ने गंभीरता की कमी दिखाई है।