Mount Everest पर भारी बर्फबारी का कहर, सात विदेशी पर्यटकों का हुआ सुरक्षित रेस्क्यू.

विश्व की सबसे ऊंची चोटी माउंट एवरेस्ट के बेस कैंप और आसपास के ऊंचाई वाले इलाकों में मौसम ने अचानक करवट ली है, जिसके बाद पर्वतारोहियों की आवाजाही पर अगले आदेश तक रोक लगा दी गई है। नेपाल के सोलुखुम्बु जिले के खुम्बु क्षेत्र में लगातार बारिश के बाद भारी बर्फबारी शुरू हो गई, जिससे जनजीवन और पर्यटन गतिविधियां पूरी तरह से प्रभावित हो गई हैं। कई स्थानों पर आधा मीटर से अधिक बर्फ जमा होने की सूचना सामने आई है, जिसने स्थानीय प्रशासन और पर्यटकों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। खराब मौसम के बीच बर्फबारी में फंसे सात विदेशी पर्यटकों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचा दिया गया है, जिन्हें लेकर प्रशासन ने राहत की सांस ली है।
प्रशासन ने लगाई पर्यटकों की आवाजाही पर रोक
सुरक्षा को सबसे ऊपर रखते हुए स्थानीय प्रशासन ने पर्यटकों और ट्रेकर्स को किसी भी प्रकार के जोखिम वाले ऊंचाई वाले क्षेत्रों की तरफ आगे बढ़ने से सख्त मना कर दिया है। स्थानीय प्रशासन, जनप्रतिनिधियों, वहां के स्थानीय लोगों और पुलिस के आपसी तालमेल से ऊपरी इलाकों में फंसे और मौजूद पर्यटकों को सुरक्षित स्थानों पर रखने के पुख्ता इंतजाम किए जा रहे हैं। सोलुखुम्बु के प्रमुख जिला अधिकारी कमानसिंह थापा मगर ने मीडिया को जानकारी दी कि खुम्बु के ऊपरी इलाकों में लगातार भारी बर्फबारी हो रही है और कई जगहों पर आधा मीटर से भी ज्यादा बर्फ की मोटी परत जमा हो गई है, जिससे रास्ते पूरी तरह से बंद हो चुके हैं।
आइलैंड पीक इलाके में फंसे थे पर्यटक
मिली जानकारी के अनुसार, इस भारी बर्फबारी के कारण सगरमाथा क्षेत्र के इम्जा छे यानी आइलैंड पीक इलाके में सात विदेशी पर्यटक फंस गए थे। प्रशासन ने तुरंत एक्शन लेते हुए स्थानीय लोगों और जनप्रतिनिधियों की मदद से खराब मौसम और बेहद मुश्किल पहाड़ी रास्तों के बीच एक चुनौतीपूर्ण रेस्क्यू अभियान चलाया। इम्जा छे, जिसे आइलैंड पीक के नाम से भी अच्छी तरह जाना जाता है, सगरमाथा राष्ट्रीय उद्यान के खुम्बु क्षेत्र में स्थित एक बहुत ही प्रमुख पर्वतारोहण स्थल है। इस जगह की ऊंचाई समुद्र तल से करीब 6,165 मीटर है, जहां मौसम अक्सर बहुत ज्यादा खराब हो जाता है और सांस लेना या चलना भी कठिन हो जाता है.
एवरेस्ट बेस कैंप क्षेत्र में मौजूद हैं 1,200 से अधिक पर्यटक
नेपाल पर्यटन बोर्ड के मुताबिक, दिंगबोचे से इम्जा खोला होते हुए चुकुंग की तरफ जाने वाला ट्रेकिंग मार्ग सीधे सगरमाथा बेस कैंप क्षेत्र के मुख्य ट्रेकिंग मार्ग से जाकर जुड़ता है। इस खतरनाक और प्रतिकूल मौसम को पूरी तरह भांपते हुए प्रशासन ने ऊपरी क्षेत्रों में किसी भी नए पर्यटक या ट्रेकर के प्रवेश पर पूरी तरह रोक लगाने के लिए स्थानीय निकायों और सुरक्षा एजेंसियों के साथ मिलकर काम करना शुरू कर दिया है। वर्तमान समय की बात करें तो, फिलहाल एवरेस्ट बेस कैंप के इस पूरे क्षेत्र में 1,200 से अधिक पर्यटक मौजूद हैं। स्थानीय प्रशासन, पुलिस विभाग और अन्य संबंधित एजेंसियां इन सभी पर्यटकों की पल-पल की स्थिति पर बहुत बारीकी से नजर बनाए हुए हैं। प्रशासन ने साफ तौर पर सभी पर्यटकों और पर्वतारोहियों से यह अपील की है कि वे मौजूदा मौसम की स्थिति को देखकर किसी भी जोखिम वाले क्षेत्र में आगे न बढ़ें और स्थानीय प्रशासन के दिशा-निर्देशों का पूरी तरह से पालन करें। इस पूरी घटना की विस्तृत जानकारी हिन्दुस्थान समाचार के माध्यम से सामने आई है, जिसमें पत्रकार पंकज दास ने रिपोर्टिंग की है।