ओमान के पास MT On Peace टैंकर पर हमला, 11 भारतीय नाविक घायल

Pankhuri Motani10 October 20262 min read0 viewsOman
ओमान के पास MT On Peace टैंकर पर हमला, 11 भारतीय नाविक घायल

ओमान के मुसन्दम प्रायद्वीप के पास एक बड़ा हादसा हुआ है, जहाँ पनामा ध्वज वाले तेल टैंकर MT On Peace पर एक अज्ञात प्रोजेक्टाइल (मिसाइल या रॉकेट) से हमला किया गया। इस हमले के बाद जहाज पर भीषण आग लग गई, जिसमें सवार चालक दल के सदस्य बुरी तरह प्रभावित हुए। इस घटना में कुल 12 लोग घायल हुए हैं, जिनमें से 11 भारतीय नागरिक हैं।

यह हमला मुसन्दम गवर्नरेट में लीमा के उत्तर-पूर्व में लगभग 9 समुद्री मील की दूरी पर हुआ। 1,15,000 dwt क्षमता वाले इस LR2 वेसल में कुल 19 क्रू मेंबर्स सवार थे, जिनमें से 17 भारतीय थे। हमले की गंभीरता को देखते हुए रॉयल एयर फोर्स ऑफ ओमान ने तुरंत मोर्चा संभाला और एक हेलीकॉप्टर को सीधे टैंकर के डेक पर उतारकर घायलों को एयरलिफ्ट किया। घायल नाविकों को इलाज के लिए खसब अस्पताल ले जाया गया, जिनमें से दो की हालत इतनी गंभीर थी कि उन्हें स्ट्रेचर पर ले जाना पड़ा।

पश्चिम एशिया संकट में भारतीय नाविकों पर खतरा

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भारत के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने इस हमले की पुष्टि की है। उन्होंने ओमान सरकार का आभार व्यक्त किया और अंतरराष्ट्रीय जलमार्गों में वाणिज्यिक जहाजों को निशाना बनाने की घटनाओं को रोकने की अपील की है।

शिपिंग सचिव विजय कुमार द्वारा साझा किए गए आंकड़े इस क्षेत्र में बढ़ते खतरे की ओर इशारा करते हैं। पश्चिम एशिया संकट की शुरुआत से अब तक 11 भारतीय नाविक अपनी जान गंवा चुके हैं। रिपोर्ट के अनुसार, भारतीय ध्वज वाले जहाजों पर चार हमले हुए हैं, जबकि विदेशी जहाजों पर सवार भारतीय चालक दल के साथ 74 घटनाएं हुई हैं।

वर्तमान स्थिति की बात करें तो 4,292 भारतीय नाविकों को सुरक्षित वापस लाया जा चुका है, लेकिन 139 नाविक अभी भी हॉर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) में मौजूद हैं। यहाँ दो भारतीय ध्वज वाले और छह भारत की ओर आ रहे जहाज तैनात हैं।

यह कोई पहली घटना नहीं है; इससे पहले 23 सितंबर को MV Cape Dao पर हमले में उत्तर प्रदेश के सूरज यादव की मौत हो गई थी। इसी तरह जुलाई में भी एक ईरानी मिसाइल हमले में रोहन कुमार की जान चली गई थी। दुनिया भर में करीब 3.2 लाख भारतीय नाविक कार्यरत हैं, जिनमें से बड़ी संख्या यूएई, सऊदी अरब, कतर, ओमान और बहरीन जैसे उच्च जोखिम वाले क्षेत्रों में काम कर रहे हैं, जहाँ क्षेत्रीय अस्थिरता के कारण खतरा लगातार बना हुआ है।

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