Kuwait News: कुवैत में मुबारक अल-कबीर जिला बना निर्माण कार्यों का केंद्र, कुल प्रोजेक्ट्स में 46 प्रतिशत हिस्सेदारी

कुवैत देश में इन दिनों निर्माण कार्यों की रफ्तार काफी तेज हो गई है और हर तरफ नए प्रोजेक्ट्स पर काम चल रहा है। इस बीच देश के छह गवर्नरेट में से मुबारक अल-कबीर गवर्नरेट ने कंस्ट्रक्शन गतिविधियों में पहला स्थान हासिल किया है। सार्वजनिक सूचना प्राधिकरण (PACI) की तरफ से 15 सितंबर 2026 को जारी किए गए आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार देश भर में कुल 794 इमारतें और प्रोजेक्ट्स बन रहे हैं, जिनमें से अकेले मुबारक अल-कबीर में 366 प्रोजेक्ट्स पर काम चल रहा है। यह कुल चल रहे निर्माण कार्यों का लगभग 46.1 प्रतिशत हिस्सा बनता है, जो इसे देश का सबसे बड़ा निर्माण केंद्र बनाता है।
अन्य गवर्नरेट की स्थिति और प्रोजेक्ट्स
मुبارك अल-कबीर के बाद निर्माण मामलों में कैपिटल गवर्नरेट दूसरे स्थान पर आता है जहाँ कुल 131 इमारतों का काम चल रहा है। इसके अलावा अल-अहमदी गवर्नरेट इस सूची में तीसरे स्थान पर है जहाँ कुल 95 प्रोजेक्ट्स पर काम चल रहा है। आम रिहायशी और कमर्शियल इमारतों के अलावा इस इलाके के विकास में एक और बहुत बड़ा प्रोजेक्ट शामिल है, जिसे रणनीतिक रूप से देश के लिए बेहद जरूरी माना जा रहा है। यह प्रोजेक्ट बुबियन द्वीप पर स्थित मुबारक अल-कबीर पोर्ट का है, जिस पर देश की नजरें टिकी हुई हैं।
मुबारक अल-कबीर बंदरगाह और चीन के साथ समझौता
इस बंदरगाह प्रोजेक्ट को तेजी से पूरा करने के लिए एक बड़ा इंजीनियरिंग और निर्माण अनुबंध साइन किया गया था। यह एग्रीमेंट 23 दिसंबर 2025 को चाइना कम्युनिकेशंस कंस्ट्रक्शन कंपनी (CCCC) के साथ हुआ था। इस पूरे काम पर नजर रखने के लिए कुवैत के राज्य लेखा ब्यूरो को जिम्मेदारी सौंपी गई थी। लेखा ब्यूरो ने आधिकारिक तौर पर पुष्टि की थी कि इस अनुबंध की कुल कीमत लगभग 4.1 अरब डॉलर यानी करीब 1.28 अरब कुवैती दिनार है। देश के प्रधानमंत्री शेख अहमद अब्दुल्ला अल-अहमद अल-सबाह और लोक निर्माण मंत्री नोरा अल-मशाआन ने इस बंदरगाह को कुवैत विजन 2035 योजना का एक बहुत बड़ा हिस्सा बताया है।
आर्थिक तरक्की और लॉजिस्टिक्स में सुधार
सरकार का मानना है कि इस बंदरगाह के बनने से देश की अर्थव्यवस्था में सुधार होगा और लॉजिस्टिक्स का काम भी बहुत आसान हो जाएगा। इस प्रोजेक्ट के तीनों चरण पूरे होने के बाद इसकी क्षमता 80 लाख TEUs से ज्यादा सामान संभालने की हो जाएगी। बंदरगाह के विकास का काम अब अपने आखिरी दौर में पहुंच चुका है और इसे साल 2026 के अंत तक पूरी तरह से पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। इस विकास कार्य से न सिर्फ देश के स्थानीय नागरिकों को बल्कि वहां काम करने वाले सभी कामगारों और प्रवासियों के लिए भी रोजगार और कारोबार के नए रास्ते खुलेंगे।