बंदर अब्बास के पास जोरदार धमाके, अमेरिका ने ईरान पर किए सटीक हमले, फारस की खाड़ी में बढ़ा तनाव.

ईरान के दक्षिणी बंदरगाह शहर बंदर अब्बास के पास मंगलवार, 1 सितंबर 2026 को कई जोरदार धमाकों की आवाज सुनी गई। इस घटना के बाद पूरे इलाके में तनाव का माहौल बन गया है और लोग काफी डरे हुए हैं। ईरान के सरकारी प्रसारणकर्ता IRIB ने बताया कि क़ेश्म द्वीप पर मसन गांव के पास पांच से ज्यादा धमाके हुए। इसके अलावा, होर्मुज जलडमरूमध्य की दिशा से भी चार अन्य धमाकों की आवाज सुनाई दी। इन हमलों और धमाकों की गूंज से आसपास के इलाकों में रहने वाले आम नागरिक और प्रवासी सहम गए हैं।
अन्य बंदरगाहों पर भी हुए धमाके
प्राप्त जानकारी के अनुसार, केवल बंदर अब्बास ही नहीं बल्कि सीरीक, चाबहार और कोनारक के बंदरगाह शहरों में भी धमाकों की रिपोर्ट सामने आई। होर्मुज प्रांत के राजनीतिक, सुरक्षा और सामाजिक मामलों के उप-राज्यपाल ने यह जानकारी दी कि इस प्रांत में अभी तक किसी के हताहत होने या किसी की जान जाने की कोई आधिकारिक सूचना नहीं मिली है। स्थानीय प्रशासन स्थिति पर पूरी नजर बनाए हुए है ताकि किसी भी अनहोनी से तुरंत निपटा जा सके।
अमेरिकी सेना का बयान और कार्रवाई
दूसरी तरफ, अमेरिकी सेना कमान Centcom ने इस बात की पुष्टि की कि अमेरिकी बलों ने 1 सितंबर को होर्मुज जलडमरूमध्य के पास ईरानी ठिकानों पर सीमित और सटीक हमले किए। अमेरिकी सेना ने सीधे तौर पर उन ठिकानों को निशाना बनाया जो इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स यानी IRGC से जुड़े हुए थे। Centcom ने इस सैन्य कार्रवाई को जहाजों और अमेरिकी सैनिकों के खिलाफ मिल रही ईरानी धमकियों का जवाब बताया। अमेरिकी अधिकारियों का कहना था कि यह कार्रवाई उन ताकतों को रोकने के लिए की गई जो इस जलमार्ग में बारूदी सुरंग बिछाने का काम कर रही थीं और एक बड़ा खतरा पैदा कर रही थीं।
बढ़ता क्षेत्रीय तनाव और क्षेत्रीय देशों की प्रतिक्रिया
यह पूरी घटना तेहरान और वाशिंगटन के बीच लगातार बढ़ रहे तनाव का परिणाम है। इससे पहले 31 अगस्त 2026 को ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन ने किसी भी तरह की आक्रामकता के खिलाफ कड़ी चेतावनी दी थी और कहा था कि ईरान चुपचाप बैठकर तमाशा नहीं देखेगा। इससे पहले IRGC ने 31 अगस्त को लराक द्वीप पर हुए अमेरिकी हमले को एक बड़ी रणनीतिक भूल बताया था और इसका कड़ा बदला लेने की कसम खाई थी। जुलाई महीने से ही क्षेत्र में लगातार बमबारी चल रही है और पाकिस्तान तथा कतर की मध्यता में हुआ जून का ढांचागत समझौता टूटने के बाद अमेरिका ने फिर से नौसैनिक नाकाबंदी लागू कर दी है, जिससे हालात और ज्यादा खराब हो गए हैं।
इस बीच, क्षेत्रीय मोर्चे पर भी कई बड़ी घटनाएं देखने को मिलीं। जॉर्डन के सशस्त्र बलों ने 31 अगस्त को अपने हवाई क्षेत्र के भीतर आठ मिसाइलों को सफलताaपूर्वक हवा में ही रोक लिया। इसके अलावा, संयुक्त अरब अमीरात यानी UAE Defense Ministry ने बताया कि उसकी वायु सेना ने 31 अगस्त को अपनी जल सीमा के ऊपर एक ईरानी ड्रोन को रोका और ढेर कर दिया। UAE ने इस घुसपैठ को अपनी संप्रभुता का खुला उल्लंघन और एक खतरनाक escalation करार दिया, जिससे खाड़ी देशों में रह रहे प्रवासियों की चिंताएं भी काफी बढ़ गई हैं।