मस्कत नगरपालिका ने रिहायशी इलाकों में बैचलर आवास पर सख्ती बढ़ाई

मस्कत (ओमान): मस्कत नगरपालिका ने रिहायशी और मिश्रित रिहायशी-व्यावसायिक इलाकों में अकेले पुरुषों और प्रवासी कामगारों के रहने पर रोक के नियमों को लागू करने का अभियान शुरू किया है। इन इलाकों में बैचलर या कामगारों के लिए आवासीय परिसर बनाना साफ तौर पर मना है।
नगरपालिका के मुताबिक स्थानीय आदेश संख्या 23/92 के अनुच्छेद 31(d) के तहत यह नियम लागू होता है। मकान मालिकों को एक ही इमारत में परिवार और बैचलर को साथ रखने की भी सख्त मनाही है। किराए पर देने से पहले मकान मालिकों को अपनी संपत्ति का वर्गीकरण जांचना होगा, ताकि वह अधिकृत उपयोग के अनुरूप हो।
12 और 13 अक्टूबर 2026 को जारी बयानों में नगरपालिका ने कहा कि इस पहल का मकसद परिवारों वाले मोहल्लों की पहचान बनाए रखना, भीड़भाड़ कम करना और स्थानीय निवासियों की सुरक्षा से जुड़ी चिंताओं का समाधान करना है। निवासियों ने एक जगह बड़ी संख्या में अकेले प्रवासी कामगारों के रहने पर आपत्ति जताई थी।
अब नियोक्ताओं को कामगारों को तय औद्योगिक क्षेत्रों या मंजूरशुदा लेबर कैंपों में रखना होगा, जो स्वास्थ्य और सुरक्षा मानकों पर खरे उतरते हों। इसका सीधा असर भारत, पाकिस्तान और फिलीपींस से आए उन अकेले कामगारों पर पड़ेगा, जो अल खुवैर, सीब और बौशर जैसे इलाकों में साझा विला या अपार्टमेंट में रहते हैं।
नियम तोड़ने वाले मालिकों पर जुर्माने और कानूनी कार्रवाई हो सकती है। नगरपालिका पहले भी नियमों का पालन न करने वाली संपत्तियों पर छापेमारी कर चुकी है। उसने सभी नियोक्ताओं और मकान मालिकों से तुरंत नियमों का पालन करने की अपील की है।