मस्कट में बैचलर कामगारों के आवास पर सख्ती, जुर्माने का हुआ ऐलान, प्रवासी अभी समझ ले नया नियम.

Vandana Upadhyay13 October 20262 min read0 viewsOman
मस्कट में बैचलर कामगारों के आवास पर सख्ती, जुर्माने का हुआ ऐलान, प्रवासी अभी समझ ले नया नियम.

मस्कट: मस्कट नगरपालिका ने रिहायशी इलाकों में बैचलर कामगारों के आवास को लेकर अपना रुख एक बार फिर साफ कर दिया है। 12 अक्टूबर 2026 को जारी एक औपचारिक चेतावनी में नगरपालिका ने स्थानीय आदेश नंबर 23/92 को सख्ती से लागू करने की बात कही है। इस आदेश के तहत रिहायशी या मिश्रित रिहायशी-वाणिज्यिक इलाकों में अविवाहित पुरुष कामगारों के लिए आवास बनाना और एक ही इमारत में परिवार और बैचलर दोनों को रखना गैरकानूनी है।

आदेश के अनुच्छेद 31(d) का हवाला देते हुए अधिकारियों ने साफ किया कि यह कदम मस्कट गवर्नरेट में रहने वाले परिवारों की निजता, सुरक्षा और जीवन की गुणवत्ता बनाए रखने के लिए है। अधिकारियों के मुताबिक, एक ही इलाके में ज़रूरत से ज़्यादा लोगों के रहने से सड़कों और पार्किंग पर दबाव बढ़ता है, स्वास्थ्य और सुरक्षा के जोखिम पैदा होते हैं और सार्वजनिक सेवाओं पर भी बोझ पड़ता है।

अब मकान मालिकों और नियोक्ताओं को किसी भी इमारत में लोगों को रखने से पहले उसका वर्गीकरण जांचना होगा। नियोक्ताओं की ज़िम्मेदारी होगी कि कामगारों को तय सुविधाओं में ही रखा जाए, जो स्वास्थ्य और सुरक्षा मानकों पर खरी उतरती हों।

इस कार्रवाई का असर हज़ारों अविवाहित प्रवासी कामगारों पर पड़ सकता है, खासकर भारत, पाकिस्तान, बांग्लादेश और नेपाल से आए उन लोगों पर, जो अभी साझा अपार्टमेंट में रहते हैं। ऐसे कई लोग अल खुवैर, अल मवालेह, रुवी और मुत्रह के उपनगरीय इलाकों में रह रहे हैं।

नियम का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई हो सकती है। इसमें 25 से 50 ओमानी रियाल तक का जुर्माना और उस पर रोज़ाना लगने वाला अतिरिक्त दंड शामिल है। इसके अलावा लोगों को जबरन दूसरी जगह भेजा जा सकता है और बिजली-पानी जैसी सेवाएं भी काटी जा सकती हैं। नगरपालिका का कहना है कि यह नियम पुराना है, लेकिन इलाके में अनियंत्रित बैचलर आवास की समस्या को देखते हुए अब इसे प्राथमिकता के साथ लागू किया जा रहा है।

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