मस्कट नगर पालिका ने एक ही इमारत में परिवारों और बैचलर के साथ रहने पर लगाई रोक, नियमों के उल्लंघन पर होगी सख्ती

मस्कट: ओमान की राजधानी मस्कट में अब परिवार और अकेले रहने वाले बैचलर एक ही बिल्डिंग में नहीं रह सकेंगे। मस्कट नगर पालिका ने इस संबंध में सख्त नियमों को फिर से लागू कर दिया है, जिसका सीधा असर यहां रहने वाले प्रवासी मजदूरों और कर्मचारियों पर पड़ेगा।
नगर पालिका ने साफ किया है कि आवासीय और मिश्रित आवासीय-व्यावसायिक क्षेत्रों में बैचलर या वर्कर हाउसिंग कॉम्प्लेक्स बनाने पर भी पाबंदी रहेगी। यह फैसला लोकल ऑर्डर नंबर 23/92 के आर्टिकल 31(d) के तहत लिया गया है, जो मस्कट गवर्नरशिप में इमारतों के इस्तेमाल को नियंत्रित करता है।
नगर पालिका के मुताबिक, रिहायशी इलाकों के स्वरूप को बचाने, सुरक्षा सुनिश्चित करने और सार्वजनिक सुविधाओं पर दबाव कम करने के लिए यह कदम जरूरी है। अधिकारियों का कहना है कि इससे सड़कों, पार्किंग और स्वास्थ्य सेवाओं में होने वाली भीड़भाड़ को रोका जा सकेगा।
नियमों के तहत अब मकान मालिकों और प्रॉपर्टी मालिकों को यह सुनिश्चित करना होगा कि उनकी बिल्डिंग का वर्गीकरण उसके वर्तमान उपयोग से मेल खाता हो। नगर पालिका ने परिवार के आवास को बैचलर या वर्कर हाउसिंग के साथ मिलाने पर पूरी तरह रोक लगा दी है।
बैचलर हाउसिंग के लिए केवल निर्धारित क्षेत्र ही तय किए गए हैं। अब बैचलर केवल औद्योगिक क्षेत्रों या विशेष रूप से स्वीकृत वर्कर कैंप वाले प्लॉट में ही रह सकेंगे, न कि सामान्य रिहायशी मोहल्लों में।
12-13 अक्टूबर 2026 के आसपास जारी इस नोटिस का असर भारत, पाकिस्तान और बांग्लादेश समेत अन्य देशों के प्रवासी श्रमिकों पर पड़ सकता है, जो अक्सर साझा आवास का विकल्प चुनते हैं। नगर पालिका ने जोर दिया है कि कंपनियों की यह जिम्मेदारी है कि वे अपने कर्मचारियों के लिए नियमों के अनुकूल और उचित आवास उपलब्ध कराएं।
नगर पालिका ने संकेत दिया है कि आवास के गलत इस्तेमाल को रोकने के लिए अब प्रवर्तन अभियानों (enforcement campaigns) को और तेज किया जाएगा।