मस्कट मज़दूर आवास नियम: पारिवारिक इलाकों में रोक दोहराई गई

मस्कट, ओमान: मस्कट नगरपालिका ने राजधानी के सभी मकान मालिकों और नियोक्ताओं को एक बार फिर चेताया है कि पारिवारिक रिहायशी इलाकों में मज़दूरों या अकेले रहने वाले लोगों के लिए आवास बनाना सख़्त मना है। नगरपालिका के मुताबिक़ यह नियम पहले से लागू है, लेकिन हाल के दिनों में इसकी अनदेखी के मामलों पर ध्यान देते हुए उसने औपचारिक रूप से याद दिलाना ज़रूरी समझा।
इस नियम की जड़ स्थानीय आदेश संख्या 23/92 में है। यह आदेश 12 अप्रैल 1992 को लागू हुआ था और इसे आधिकारिक गज़ट के 478वें अंक में प्रकाशित किया गया था। यही आदेश मस्कट में इमारतों के इस्तेमाल का ढांचा तय करता है। इसके अनुच्छेद 31 में साफ़ लिखा है कि रिहायशी मोहल्लों की संपत्तियों का उपयोग मज़दूरों के रहने के लिए नहीं किया जा सकता। मक़सद यह है कि इन इलाकों की निजता और उनका माहौल बना रहे।
उल्लंघन पर क्या होगा
नगरपालिका ने यह भी स्पष्ट किया है कि नियम तोड़ने पर प्रशासनिक कार्रवाई हो सकती है। उल्लंघन की प्रकृति के आधार पर जुर्माना 50 ओमानी रियाल से लेकर 5,000 ओमानी रियाल तक हो सकता है। यानी छोटी चूक और गंभीर उल्लंघन में फ़र्क़ रखा गया है, लेकिन दोनों ही स्थितियों में ज़िम्मेदारी मकान मालिक और नियोक्ता पर आती है।
मस्कट डेली ने 12 अक्टूबर 2026 को इस चेतावनी की ख़बर दी। यह कदम नगरपालिका की उस व्यापक मुहिम का हिस्सा है जो सितंबर 2026 के आख़िर में शुरू हुई थी। इसके तहत संपत्ति मालिकों से अपील की जा रही है कि वे अपने मोहल्लों की रिहायशी पहचान का सम्मान करें और शहरी ज़ोनिंग नियमों का पालन सुनिश्चित करें।
इसी बीच मस्कट नगर परिषद, जिसकी अगुवाई गवर्नर हिज़ हाइनेस सैयद बिलरब बिन हैथम अल सैद कर रहे हैं, मज़दूर आवास से जुड़ी व्यापक नीतियों की समीक्षा कर रही है। परिषद का लक्ष्य परियोजनाओं की ज़रूरतों और रहने वालों की सुरक्षा व सुविधा के बीच संतुलन बनाना बताया गया है। फ़िलहाल यह समीक्षा जारी है, इसलिए आने वाले दिनों में मज़दूर आवास के नियमों में बदलाव हों