नारंग मंडी में ईसाइयों पर भीड़ का हमला, HRFP की निंदा

Gautam Sahu11 October 20262 min read0 viewsWorld
नारंग मंडी में ईसाइयों पर भीड़ का हमला, HRFP की निंदा

इस्लामाबाद, पाकिस्तान (ANI): पाकिस्तान के शेखूपुरा ज़िले की नारंग मंडी में ईशनिंदा के एक आरोप ने पूरे ईसाई समुदाय को डर में डाल दिया है। आरोप एक ईसाई व्यक्ति कामरान गिल मसीह पर है, जिन्हें पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। इसके बाद इलाके में भीड़ ने आगजनी और धमकियों का सहारा लिया। मानवाधिकार संगठन Human Rights Focus Pakistan (HRFP) ने इस हिंसा की कड़ी निंदा की है।

HRFP की प्रेस विज्ञप्ति के मुताबिक, उसकी फैक्ट-फाइंडिंग टीम को जानकारी मिली कि कामरान गिल मसीह पर सोशल मीडिया पर कथित रूप से ईशनिंदा वाली सामग्री साझा करने का आरोप लगा। आरोप सामने आने के बाद उनका पारंपरिक चिकित्सा क्लिनिक, जो उनके घर से जुड़ा था और जिसमें एक छोटी फार्मेसी भी थी, आग के हवाले कर दिया गया। डर के मारे स्थानीय ईसाई परिवारों को अपने घर छोड़कर भागना पड़ा।

एफआईआर में क्या लिखा है

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तनाव बढ़ने के बाद 9 अक्टूबर 2026 को नारंग पुलिस स्टेशन में एफआईआर दर्ज की गई। शिकायत इलाके के निवासी रईस अहमद ने दर्ज कराई है। शिकायत में आरोप है कि कामरान गिल मसीह ने एक वीडियो अपलोड और साझा किया, जिसमें पैगंबर मुहम्मद और उनके परिवार के लिए आपत्तिजनक सामग्री थी। एफआईआर में पाकिस्तान दंड संहिता की धारा 295-A, 298 और 298-A के साथ सार्वजनिक व्यवस्था कानून (MPO) की धारा 16 और टेलीग्राफ एक्ट की धारा 29-D का जिक्र बताया गया है। हालांकि इन धाराओं की सटीक प्रासंगिकता की पुष्टि एफआईआर और कानूनी दस्तावेज़ों से होनी बाकी है।

HRFP ने साफ कहा कि आरोप अभी जांच और अदालती फैसले के अधीन हैं। किसी पर आरोप लगना दोष साबित होना नहीं है। हर आरोपी को उचित प्रक्रिया, कानूनी प्रतिनिधित्व और निष्पक्ष सुनवाई का अधिकार है। संगठन के मुताबिक कोई भी व्यक्ति या समूह कानून से बाहर जाकर सजा नहीं दे सकता।

HRFP के अध्यक्ष नवीद वॉल्टर ने हिंसा की कड़ी निंदा करते हुए सरकार, पुलिस और स्थानीय प्रशासन से तुरंत और प्रभावी कदम उठाने की मांग की, ताकि कामरान गिल मसीह, उनके परिवार और पूरे ईसाई समुदाय की सुरक्षा हो सके। उन्होंने कहा, “कोई भी आरोप भीड़ की हिंसा, आगजनी, धमकी या सामूहिक सजा को सही नहीं ठहरा सकता। धर्म या आस्था चाहे जो भी हो, हर इंसान को जी

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